Home Featured बीडीओ ने कहा- बड़े घपले की जांच रोकने केलिए बनाया गया स्थानीय राजनीति का शिकार।
May 24, 2020

बीडीओ ने कहा- बड़े घपले की जांच रोकने केलिए बनाया गया स्थानीय राजनीति का शिकार।

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दरभंगा: सिंहवाड़ा प्रखण्ड के कोरा भरहुल्ली पंचायत के कवारेंटाइन सेंटर में प्रवासियों द्वारा प्रखण्ड के अधिकारियों द्वारा पिटाई किये जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस संबंध में सिंहवाड़ा के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ने जो बातें सामने रखी है और पीएचसी प्रभारी की रिपोर्ट सामने आयी है, उससे मामला संदेहास्पद जरूर हो गया है। हालांकि इस पर रविवार को जिलाधिकारी द्वारा वरीय अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच कमिटी गठित कर दी गयी है। इसमें दरभंगा के डीडीसी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी एवं अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी शामिल है। इस कमिटी को 24 घण्टे में जांच रिपोर्ट समर्पित करने को कहा गया है। इसप्रकार अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट आने बाद ही मामले पर हुए निर्णय का पता चल पाएगा।
इस बीच पूरे मामले पर सबसे बड़ा प्रश्नचिन्ह तब लग गया जब अपने रिपोर्ट में सिंहवाड़ा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि पैर चोट का कोई निशान नही। पैर में सूजन लम्बी दूरी तक चलने के कारण है जो पहले से है। इसके अलावा मामला संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी द्वारा प्रखण्ड के वरीय प्रभारी द्वारा मामले की त्वरित जांच भी करायी गयी थी जिसने परिवादी के आरोपों को निराधार बताया गया। इसकी पुष्टि जिलाधिकारी ने की है। मीडिया में खबरों के आने के बाद अब जिलास्तर पर वरीय अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच टीम बनाकर 24 घँटे में जांच रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है।
इस संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए सिंहवाड़ा के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि एक बड़े घोटाले की जांच को दबाने केलिए स्थानीय राजनीति के तहत पूरी कहानी गढ़ी गयी है ताकि हम पर दवाब आ जाये और घपले की जांच न हो सके। उन्होंने बताया कि वहां रसोइया एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं से दुर्व्यवहार की शिकायत मिली थी। जांच केलिए अंचलाधिकारी के साथ गए थे। जांच में मामला सही पाया गया। आरोपी प्रवासियों को समझाया भी गया कि इस तरह से न करें।
इसके बाद लौटते समय पंचायत के योजनाओं का निरीक्षण भी किये। एक जगह नाला निर्माण में तीन नम्बर और चार नम्बर ईंटो के साथ साथ सफेद बालू का उपयोग हो रहा था। मुखिया पति को पूछा गया तो बताया गया कि चौदहवीं वित्त से कार्य हो रहा है। मुखिया को घटिया निर्माण पर कारवाई की चेतावनी दी गयी। कार्यालय आकर जब मामले की जांच पड़ताल शुरू किये तो पता चला कि योजना स्वीकृत ही नही है। जांच में बात सामने आयी कि मुखिया पति के द्वारा घटिया सामग्री से निर्माण करवाकर स्वीकृति करवाकर पैसे के निकासी की योजना है। कुछ अन्य कार्यो के बारे में जानकारी मिली जिसमें इसी तरह की तैयारी चल रही थी। एक बड़े घपले की तैयारी चल रही थी।
बीडीओ श्री कुमार ने बताया कि पूरा घटनाक्रम दिन में ही हुआ।सबकुछ सामान्य था। पर जांच की खबर मुखिया तक पहुंचने के बाद यह साजिश रची गयी। रात में मुखिया पति के भाई द्वारा क्वारेंटाइन केंद्र जाकर वीडियो बनाकर साइबर सेनानी ग्रुप में डाला गया।
साथ ही बीडीओ श्री कुमार ने बताया कि अखबारों में खबर छपने के बाद उन्होंने डॉक्टर से भी बात की। उन्होंने अखबार में छपे बयान को देने से साफ इंकार किया। साथ ही प्रमुख से बात की गयी तो उन्होंने भी ऐसा कोई बयान देने से इनकार किया। यह पूरा मामला घपले की जांच को प्रभावित करने केलिए मुखिया पति द्वारा करवाया गया है क्योंकि एक वर्ष बाद पुनः पंचायत चुनाव भी है।
सीओ सुशील कुमार उपाध्याय ने बताया कि क्वारेंटाइन सेंटर पर पांच प्रवासियों द्वारा रसोइया और महिला शिक्षकों से दुर्व्यवहार करने की शिकायत मिली थी। जिसके बाद उन पांचों को चिह्नित कर उनका नाम रजिस्टर में दर्ज किया गया था और रसोइया एवं शिक्षक से दुर्व्यवहार करने की बात पर डांटा गया था। मारपीट करने की बात बेबुनियाद है। इस मामले में स्कूल की रसोइया और शिक्षक से उन्होंने पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया था।
अब इस पूरे मामले पर अंतिम कारवाई जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही सामने आएगी। परंतु उपरोक्त तथ्यों ने मामले को कहीं न कहीं संदेहास्पद तो जरूर बना दिया है।

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