Home Featured एलएनएमयू में समसामयिक परिदृश्य एवं आत्मनिर्भर भारत विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन।
June 9, 2020

एलएनएमयू में समसामयिक परिदृश्य एवं आत्मनिर्भर भारत विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन।

दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को समसामयिक परिदृश्य एवं आत्मनिर्भर भारत विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें देश के कई शिक्षाविदों व विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। मुख्य वक्ता के रूप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, मध्यप्रदेश के कुलपति प्रो. प्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि उदार प्रवृति के लोगों के लिए पूरा धरा परिवार है। हम सदैव प्रसन्नतापूर्वक एक-दूसरे से मिलते थे। आज इस अदृश्य कोरोना शक्ति के कारण संशयग्रस्त हैं। कोरोना का चेन टूटना चाहिए, नहीं तो यह दिन-प्रतिदिन घातक होता चला जाएगा। इसके कारण गति शून्यता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पर्यटन, होटल, कार्यालय, संगठित व असंगठित क्षेत्र, सभी बाधित हो चुके हैं। विकास की गति उल्टी दिशा में जा रही है। मानो विकास की यात्रा ठप पड़ गई हो। अब वो समय आ गया है कि हम इसी तरह सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बने व गांधी के स्वदेशी के परिकल्पना को धरातल पर लाएं। गांधीयन स्कॉलर प्रो. अनिल दत्त मिश्रा ने कहा कि आज विश्व लीडरविहीन हो चुका है। नैतिकता खत्म हो चुकी है। मौजूदा दौर के नेताओं में कथनी व करनी में फर्क है। उन्होंने गांधी की परिकल्पना की चर्चा करते हुए कहा कि आज गांधी किताबों में सिमटकर रह चुके हैं। जबकि, दुनिया को अगर आगे बढ़ना है तो गांधी के फार्मूले को अपनाना ही होगा। राज नारायण महाविद्यालय, हाजीपुर के प्राध्यापक प्रो. आरके वर्मा ने कहा कि गांधीजी साम्राज्यवादी शोषण व पूंजीवाद के खिलाफ थे। गांधीजी का मानना था कि स्वदेशी अपनाकर व गांवों को मजबूत कर ही हिदुस्तान आत्मनिर्भर हो सकता है। कहा कि वोकल फॉर लोकल सिर्फ शब्दों का इंद्रजाल न हो, ये सरकार को ध्यान रखना चाहिए। देश फिलहाल कठिन दौर से जा रहा है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी है। डर है कि कहीं वो ऋणात्मक दिशा की ओर न बढ़ जाए। बाजार, उद्योग-धंधे, संरचना व मानव को बचाना भी सरकार की सबसे बड़ी जवाबदेही है।

लनामिविवि के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. जितेंद्र नारायण परिनियामक की भूमिका में दिखें व सभी आगत अतिथियों का स्वागत व उपस्थित सदस्य से परिचय करवाया। विभागीय प्राध्यापक प्रो. मुनेश्वर यादव ने भी संक्षिप्त समीक्षा करते हुए कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

प्रश्नोत्तरी सत्र में डॉ. चंदन कुमार ठाकुर, कुमार मदन मोहन, हिमांशु कुमार, विजय शंकर, प्रो. रजनीश कुमार, शबनम कुमारी, शिप्रा कुमारी आदि ने भाग लिया। विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान के विभागीय प्राध्यापक प्रो. अखिलेश जायसवाल समेत कई शिक्षकों व शोधार्थी संतोष कुमार, वंदना कुमारी, साक्षी कुमारी, सुशील कुमार सुमन, राहुल कुमार आदि बेबिनार में शामिल हुए।

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