
आगामी आठ सितंबर को सरकार को जगाने के लिए होगा एम्स का सांकेतिक शिलान्यास।
दरभंगा: दरभंगा एम्स के निर्माण में हो रही देरी के खिलाफ मिथिला स्टूडेंट यूनियन आगामी आठ सितंबर को सरकार को जगाने के लिए सांकेतिक शिलान्यास सह आंदोलन करेगा। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमएसयू के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप मैथिल एवं राष्ट्रीय प्रमुख सलाहकार संतोष मिश्र ने इस आशय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विगत एक अगस्त से मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने दरभंगा एम्स के शिलान्यास के लिए गांव-गांव जाकर ईंट जमा करना शुरू किया था। इसी कड़ी में अब आठ सितंबर को दरभंगा एम्स से संबंधित आंदोलन को मूर्त रूप देने जा रहा है। उन्होंने कहा कि नागपुर एम्स 2014 में घोषित हुआ था, मात्र चार साल के अंदर 2018 में बनकर तैयार हो गया और अब सेवा में है। गोरखपुर एम्स भी 2014 में घोषित हुआ, 2016 में शिलान्यास किया गया और मात्र तीन साल के अंदर ओपीडी शुरू हो गया और अब सेवा में है। 2018 में तेलंगाना में एम्स घोषित हुआ, पार्शियली फंक्शनल है।
2017 में देवघर व राजकोट में एम्स घोषित हुआ, दोनों जगह क्लास स्टार्टेड है। 2015 में विजयपुर, विलासपुर, गुवाहाटी में घोषित हुआ, क्लासेज शुरू है। वहीं दरभंगा एम्स आज तक इंतजार कर रहा है। सरकार व नेता बार-बार घोषणाएं करते हैं लेकिन अब तक कोई अपडेट नहीं है। इसलिए एमएसयू ने तय किया कि अब खुद जनता दरभंगा एम्स का शिलान्यास करेगी। उन्होंने कहा कि एमएसयू ने अपने कार्यकर्ताओं से संवाद कर विस्तृत आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है।
पांच सप्ताह की तैयारी के बाद आठ सितंबर को दरभंगा में हजारों लोगों के समक्ष एम्स के लिए प्रस्तावित जगह पर ईंट लेकर आएंगे। इसके लिए संगठन ने विभिन्न स्तरों पर तैयारी शुरू कर दी है। इतनी तैयारी और पूर्व सूचना के बावजूद प्रशासन ने परमिशन देने में आनाकानी की है और निषेधात्मक आदेश जारी किया है। हालांकि जिलाधिकारी ने मौखिक रूप से सहयोग का अश्वासन दिया है। प्रेस वार्ता में एमआरएनएस के महासचिव राजेश झा, एमएलएसएम कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. विद्यानाथ झा, जिला अध्यक्ष अभिषेक कुमार झा, छात्र नेता अमन सक्सेना, अनीश चौधरी, विकास चौधरी, अर्जुन कुमार दास, आदित्य मिश्रा, नारायण मिश्रा व गोविन्द झा भी उपस्थित थे।

