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Featured - मुख्य - September 6, 2021

केंद्रीय टीम ने किया बाढ़ से हुई क्षति का आकलन।

दरभंगा: छह सदस्यीय केंद्रीय टीम ने सोमवार को मुजफ्फरपुर, दरभंगा व समस्तीपुर जिले का हवाई सर्वेक्षण का बाढ़ से हुई क्षति का आकलन किया। इस टीम में केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव राकेश कुमार सिंह, अपर सचिव एम रामचन्द्रडू, पब्लिक फाईनेंस स्टेट के निदेशक दीपेंद्र कुमार, संजीव कुमार सुमन, डॉ. मान सिंह व उप सचिव शैलेश कुमार थे। नेहरू स्टेडियम में हेलीकॉप्टर लैंड करने के बाद डीएम डॉ0 त्यागराजन एसएम ने टीम के अधिकारियों का स्वागत किया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने समाहरणालय स्थित आंबेडकर सभागार में बैठक की। इस बैठक में मुजफ्फरपुर, दरभंगा और समस्तीपुर के डीएम भी उपस्थित थे। तीनों डीएम ने बारी-बारी से अपने-अपने जिले में बाढ़ की स्थिति और चलाये गए राहत कार्यों से केंद्रीय टीम को अवगत कराया।

दरभंगा के डीएम डॉ0 त्यागराजन एसएम ने कहा कि इस साल बाढ़ से जिले के विभिन्न प्रखंडों की 130 पंचायतों की 7.64 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। एनडीआरएफ की टीम लगातार राहत व बचाव कार्य में जुटी रही। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 410 नाव चलवायी गयी। 290 सामुदायिक किचेन छह जुलाई से चलाये गये। अभी भी 75 सामुदायिक किचन चलाये जा रहे हैं, जिसमें 83 हजार लोग भोजन कर रहे हैं। कुल दो हजार सूखा राशन के पैकेट बांटे गए। बाढ़ से पूर्णत: दो लाख 67 हजार 568 लाख परिवार प्रभावित हुए हैं। इनमें से दो लाख छह हजार को जीआर की राशि छह-छह हजार रुपये की दर से दी जा चुकी है। बाढ़ के दौरान सर्पदंश से दो लोगों की मौत हुई, जिन्हें चार-चार लाख रुपये दिये जा चुके हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 356 स्वास्थ्य केन्द्र चलाये गये हैं। तीन हजार 459 किलो ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया। डॉ. त्यागराजन ने कहा कि बोट के माध्यम से स्वास्थ्य कैम्प तथा टीकाकरण केन्द्र बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में चलाये गये।

पशुओं के लिए 92 स्थलों पर शिविर चलाया गया, जहां 12 हजार 274 पशुओं को रखा गया। 1201 क्विंटल पशु चारे का वितरण किया गया। 1056 पशु प्रभावित हुए, जिनका इलाज किया गया। बाढ़ के दौरान छह पशुओं की मौत हुई। पीएचईडी ने 35 नये चापाकल लगाये। 157 चापाकलों की मरम्मत करायी गयी। 196 चापाकलों को संक्रमण रहित किया गया और 24 अस्थायी शौचालय बनाए गए। जिले में पथ निर्माण विभाग की 45 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 40 को मोटरेबुल बनाया गया है। इनमें 2.66 करोड़ रुपये व्यय हुए। ग्रामीण कार्य विभाग की 306 सड़कें 98 किलोमीटर में क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनपर 46 करोड़ रुपये व्यय होंगे। जल संसाधन विभाग द्वारा 63 स्थलों पर रिसाव की मरम्मत करायी गयी है तथा बाढ़ निरोधात्मक कार्य कराया गया है, जिस पर 57 करोड़ रुपये व्यय होंगे। कुल 115 ट्रान्सफॉर्मर प्रभावित हुए हैं। कृषि क्षेत्र में 26 हजार 940 एकड़ में फसल क्षति हुई है। वास्तविक फसल क्षति बाढ़ समाप्त होने के बाद ही आकलन किया जा सकेगा। एक रिलीफ कैम्प चलाया जा रहा है, जिनमें 90 लोग रह रहे हैं।

बैठक में समस्तीपुर एवं मुजफ्फरपुर के डीएम ने भी अपने अपने जिलों की स्थिति से केंद्रीय टीम को अवगत करवाया।

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