
सीएम कॉलेज में ऑनलाइन शिक्षण विधि : मुद्दे एवं चुनौतियाँ विषयक दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित।

दरभंगा: स्थानीय सीएम कॉलेज के तत्वावधान में दो दिवसीय शिक्षक दिवस समारोह में “ऑनलाइन शिक्षण- विधि : मुद्दे एवं चुनौतियाँ” विषयक ऑनलाइन व ऑफलाइन कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दरभंगा पब्लिक स्कूल के निदेशक विशाल गौरव, मुख्य वक्ता के रूप में मारवाड़ी महाविद्यालय, दरभंगा के संस्कृत विभागाध्यक्ष डा विकास सिंह तथा विशिष्ट वक्ता के रूप में उर्दू की शिक्षिका डा मसरूर सोगरा ने महत्वपूर्ण विचार रखें।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि की गई, जबकि अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं कलम प्रदान कर किया गया।
अपने संबोधन में प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा ने कहा कि राधाकृष्णन शिक्षा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने को राष्ट्रपति की अपेक्षा एक शिक्षक कहलाना ज्यादा पसंद किया था। वे कुशल राजनीतिक दार्शनिक एवं शिक्षाविद थे।
प्रधानाचार्य ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षण-व्यवस्था दुरस्त छात्रों के लिए वरदान है जो शिक्षा में बदलाव की नई प्रक्रिया है।
मुख्य अतिथि विशाल कुमार ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था हमारी शिक्षा का अभिन्न अंग बन चुका है। इसके प्रति आरोप-प्रत्यारोप को छोड़कर हमें अपडेट रहते हुए उसे रोचक बनाने का प्रयास करना चाहिए। ऑनलाइन कक्षा में बच्चे स्कूल की चहारदीवारी के बाहर रहकर भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। आज हमें लचीलापन अपनाते हुए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों विकल्पों को अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता डा विकास कुमार सिंह ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा- व्यवस्था हमारी ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की उदार भावना को विकसित करता है। यह नई शिक्षा नीति का अभिन्न अंग है। इसके माध्यम से हम सुदूर स्थित लोगों को भी बिना अधिक व्यय एवं श्रम के उनके व्याख्यान को सुनकर लाभान्वित हो सकते हैं, जिससे हमारे सोचने-विचारने की दृष्टिकोण विकसित हो रही है। उन्होंने गरीब एवं असमर्थ बच्चों के लिए सरकार द्वारा ऑनलाइन शिक्षण-पद्धति के टूल्सों को उपलब्ध कराने की बात कही।
विशिष्ट वक्ता के रूप में उर्दू की शिक्षिका डा मसरूर सोगरा ने कहा कि राधाकृष्णन हमारे प्रेरणा स्रोत हैं। ऑनलाइन शिक्षा-पद्धति लोगों के सामूहिक प्रयास से सफल होगा। हमको कोरोना महामारी के कारण पढ़ाई नहीं रोक सकते हैं। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन शिक्षा-विधि अत्यंत ही उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने छात्रों से मेहनत व उत्साह के साथ पढ़ते हुए जीवन में सफल इंसान बनने की बात कही।
कार्यक्रम में डा अब्दुल हई, डा रीता दुबे, अमरजीत कुमार, केशव, आयशा नाज, अलसिया नाज, अंशुमन, गुड्डू कुमार, आनंद, मोहितलाल, कैलाश चंद्र झा, कविता देवी, गौतम कुमार, आशीष रंजन, गिरधारी झा, आफताब आलम, अजय गौतम, मोहम्मद खान, रवीन्द्र यादव, डा प्रेम कुमारी, विपिन कुमार, संजय कुमार, बालकृष्ण सिंह, श्रीकांत, देवीलाल साह, द्रक्षा जाहिर, शशि सोनी व उदय शंकर चौधरी सहित 60 अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया।
आगत अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम का संचालन संयोजक डा आरएन चौरसिया ने किया, जबकि अतिथियों का स्वागत एनएसएस पदाधिकारी प्रो रितिका मौर्या तथा धन्यवाद ज्ञापन एनसीसी पदाधिकारी डा शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने किया।

