
डीएमसीएच के अस्तिव को बचाने के लिए आईएमए द्वारा सम्मेलन का किया गया आयोजन।
दरभंगा: डीएमसीएच बचाओ, एम्स बनाओ सहयोग समिति ने रविवार को डीएमसी एलुमनाई एशोसिएशन और आइएमए, दरभंगा के तत्वावधान में सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें शहर के कई चिकित्सकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में दरभंगा को एम्स देने व डीएमसीएच को बची 27 एकड़ भूमि के साथ अतिरिक्त 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, मंत्री जीवेश कुमार व मदन सहनी सहित सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता आइएमए के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. रमण कुमार वर्मा और डीएमसी एलुमनाई एसोसिएशन के संयोजक डॉ. भरत प्रसाद ने की।

आइएमए, दरभंगा के अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार ने सम्मेलन में आए जल संसाधन, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा का स्वागत किया। उन्हें आइएमए, दरभंगा के पूर्व अध्यक्ष और मिथिला तथा आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एसपी सिंह तथा आइएमए, दरभंगा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरएन झा ने पाग-चादर और गुलदस्ता भेंट किया।
डॉ. रमण कुमार वर्मा ने कहा कि एम्स निर्माण में तेजी लाने के लिए आवश्यक है कि डीएमसीएच को जल्द से जल्द पुनर्वासित किया जाय। उन्होंने सरकार से मांग की कि इसके लिए बिना किसी विलंब के घोषित अतिरिक्त 50 एकड़ जमीन एम्स से वापस लेने की सभी प्रक्रियाओं को पूरा कर शीघ्रता से सीमांकन और निर्माण कार्य कराया जाए। आईएमए सचिव सह प्रवक्ता डॉ. आमोद कुमार झा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अन्य मंत्रियों व एनडीए नेताओं का आईएमए की तरफ से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हम आश्वस्त हैं कि इसी सरकार में भव्य एम्स का निर्माण भी होगा और डीएमसीएच का का पुनरुत्थान होगा। इस अवसर पर डीएमसीएच बचाओ एम्स बनाओ सहयोग समिति में विशेष व सक्रिय भूमिका निभाने के लिए के चिकित्सकों को सम्मानित भी किया गया।
इनमें डॉ. भरत प्रसाद, डॉ. रमण कुमार वर्मा, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. आमोद कुमार झा, डॉ. भरत कुमार, डॉ. आरके राजन, डॉ. हरिदामोदर सिंह, डॉ. विजेन्द्र मिश्रा, डॉ. मोहन पासवान व डॉ. सुभाष चंद्र सिंह हैं। कार्यक्रम का संचालन आइएमए के जिला सचिव डॉ. आमोद कुमार झा ने किया।

आइएमए भवन में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में जल संसाधन व सूचना व जनसंपर्क मंत्री संजय झा ने कहा कि डीएमसीएच की उपलब्धियों के कारण ही बिहार में दूसरे एम्स की स्थापना के लिए दरभंगा को चुना गया। एम्स की स्थापना को लेकर प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी पुरजोर प्रयास किया गया था। डीएमसीएच से सबका जुड़ाव रहा है इसलिए इसका बचाव किया गया। मंत्री ने कहा कि मैं सरकार के पास आप चिकित्सकों का वकील बनकर आपकी पैरवी करूंगा। मैं डीएमसीएच के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं डीएमसीएच के अभूतपूर्व इतिहास से परिचित थे इसलिए उन्होंने खुद भी दूसरे एम्स की स्थापना के लिए दरभंगा को चुना। जिस डीएमसीएच की उपलब्धि के कारण एम्स की स्थापना की जा रही है उसी के अस्तित्व को समाप्त करने की मंशा सरकार की कतई नहीं है।

