
जिले के 309 पंचायतों में चलाया जायेगा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, मुखिया करेंगे उद्घाटन: आलोक राज।
दरभंगा: फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से जिला में आगामी सात जुलाई को ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) की शुरुआत होने वाली है, जिसके सफल संचालन को लेकर गुरुवार को जिला राज पंचायती पदाधिकारी आलोक राज, डीएमओ डॉ जेपी महतो, सहयोगी संस्था पीसीआई के रणपाल सिंह, अशोक सोनी, अमित कुमार, डबल्यूएचओ डॉ दिलिप, डीपीओ केयर धीरज सिंह की ओर से वर्चुअल मीटिंग आयोजित की गयी. इसमें सभी प्रखंड से बीडीओ, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, पंचायत सेक्रेटरी, मुखिया, सरपंच एवं अन्य जन प्रतिनिधि मौजूद थे. इसके तहत सभी मुखिया को पहले दिन सात जुलाई को अपने- अपने पंचायत में उपस्थित होकर खुद फाइलेरिया की दवा खाकर अभियान की शुरुआत करने की अपील की। इससे पहले अपने- अपने क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से दवा नहीं खाने वालों को प्रेरित करने को कहा गया, ताकि लक्ष्य के अनुरूप सभी पात्र लोगों को फाइलेरिया उन्मूलन के तहत दवा दी जा सके। बैठक से जुड़े सभी जन प्रतिनिधियों ने अभियान को सफल करने के लिये अपनी भूमिका निभाने की बात कही।

बैठक को संबोधित करते हुये डीएमओ डॉ जेपी महतो ने बताया कि आगामी सात जुलाई से शुरु होने वाले सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में लोगों को डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जायेगी। स्वास्थ्य विभाग फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन को लेकर कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। इसके तहत कर्मियों को फाइलेरिया के लक्षण, फैलने के तरीका, बचाव व मरीजों की चिकित्सा की बाबत विस्तार से बताया गया, ताकि उनके माध्यम से आमजन को यह जानकारी दी जा सके।
डब्ल्यूएचओ के डॉ दिलीप कुमार ने बताया कि सभी सरकारी अस्पताल पर डीईसी दवा नि:शुल्क उपलब्ध है, जिसे साल में एक बार लेना जरूरी है। कहा कि इस बीमारी के उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। फाइलेरिया दवा सेवन के लिये लोगों को जागरूक किया जाय।
पीसीआई के अमित ने बताया कि आईडीए अभियान के तहत दो साल से कम, गर्भवती महिला, व गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों को दवा नहीं दी जायेगी.
पीसीआई के अशोक सोनी ने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग अत्यंत ही आवश्यक है। इसके तहत 309 पंचायतों में लोगों को स्वास्थ्यकर्मियों के द्वारा सामने दवा खिलायी जायेगी। इसके लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर पूरी रणनीति तैयार की गयी है। प्रखंड स्तरीय माइक्रोप्लान बनाकर ज्यादा से ज्यादा आबादी को लक्षित किया गया है। रोज शाम को प्रखंड स्तर पर टीम के साथ बैठक कर रोज की रिपोर्टिंग को दुरुस्त रखकर अभियान को सफल बनाने में मदद मिलेगी। केयर डीपीओ धीरज सिंह ने बताया कि समुदाय को अभियान के पूर्व दवा सेवन के लिए जागरूक करने से अभियान में बेहतर परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आईडीए कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में आईवरमैकटिन, डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की दवा दी जायेगी।

