
14 सूत्री मांगो को लेकर बिहार राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ ने किया प्रदर्शन।
दरभंगा: ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स एवं बिहार राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ के आह्वान पर दरभंगा जिला शाखा की ओर से 14 सूत्री मांगों के समर्थन में गुरुवार को डीएम के समक्ष प्रदर्शन किया गया।
तत्पश्चात समाहरणालय के निकट की ज्योति देवी की अध्यक्षता में सभा हुई। संघ की जिला संयुक्त मंत्री शमशाद बेगम ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार हमारी मांगों को अनसुनी कर देती है। उच्चतम न्यायालय ने गत 22 अप्रैल को आदेश पारित किया कि 1972 के ग्रेच्युटी एक्ट के तहत आंगनबाड़ी सेविका सहायकों को भी ग्रेच्युटी उपादान दिया जाए, परंतु केंद्र सरकार द्वारा कानून में संशोधन नहीं किया जा रहा है। 46वें श्रम सम्मेलन के फैसले के आलोक में न्यूनतम मानदेय 26 हजार रुपये का भुगतान सरकार नहीं कर रही है। बाजार आधारित मूल्य दर पर पोषाहार की राशि दी जाए। उन्होंने कहा कि आईसीडीएस योजना को स्थाई किया जाए तथा बजट में अधिक से अधिक राशि आवंटित किया जाए। आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को सरकारी सेवक घोषित करते हुए वर्ग तीन एवं चार के सरकारी सेवा में समायोजन किया जाए।

दरभंगा जिला कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ ट्रेड यूनियन एंड सर्विस एसोसिएशन के जिला संयोजक फूल कुमार झा ने केंद्र सरकार को श्रमिक विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि देश में मजदूरों की आवाज दबाई जा रही है। इसके खिलाफ आवाज तेज की जा रही है। सीआईटीयू के राज्य कमेटी सदस्य सत्य प्रकाश चौधरी ने भी विचार रखे। मौके पर सोनी कुमारी, मीना कुमारी, कामिनी कुमारी, देवता देवी, रागिनी रंजना कुमारी, नीलम कुमारी, पूनम कुमारी, ललिता कुमारी आदि ने मांगों की पूर्ति होने तक आंदोलन तेज करने का आहवान किया।

