
आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मी से वार्ता के बाद एंबुलेंस चालकों का हड़ताल समाप्त।
दरभंगा: पिछले 14 दिनों से चल रही एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल गुरुवार की शाम को समाप्त हो गई। एंबुलेंस का संचालन करने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी के नुमाइंदों से साकारात्मक वार्ता होने के बाद एंबुलेंस के टीएमटी और चालकों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।
शुक्रवार की सुबह उनके काम पर लौटने के बाद जिले की सड़कों पर सरकारी एंबुलेंस एक बार फिर दौड़ने लगेगी। हड़ताल पर डटे एंबुलेंस कर्मियों के कड़े रूख की वजह से आउटसोर्सिंग एजेंसी के नुमाइंदे उन लोगों से वार्ता करने सिविल सर्जन कार्यालय परिसर स्थित धरना स्थल पहुंचे। कर्मियों ने साफ-साफ कह दिया कि जब तक उनकी मांगें मानी नहीं जाती हैं, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। आउटसोर्सिंग एजेंसी की ओर से एक सप्ताह के अंदर उनकी सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया। आश्वसन मिलने के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने हड़ताल वापस लिए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि हड़ताली कर्मियों से वार्ता कर समझौता कराने का दवाब एजेंसी पर लगातार बनाया जा रहा था।

बहरहाल 15 दिनों तक चली हड़ताल ने गरीब मरीजों पर कहर बरपा दिया। गंभीर मरीजों को निजी एंबुलेंस और टेंपो पर लाद-लादकर परिजन उनके इलाज के लिए डीएमसीएच पहुंचते रहे। इस दौरान उन्हें निजी एंबुलेंस संचालक और टेंपो चालकों का शोषण सहना पड़ा। हड़ताल से डीएमसीएच की आंतरिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई थी। इमरजेंसी और ऑपरेशन थियेटर से मरीजों को वार्ड तक ले जाने के लिए राशि का भुगतान कर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा था। मरीजों की मदद के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से तैनात की गई दो निजी एंबुलेंस केवल कागज पर दौड़ती रहीं। हड़ताल समाप्त हो जाने से मरीज व उनके परिजन राहत की सांस ले सकेंगे।

