Home Featured मारपीट की शिकायत पर वरीय अधिकारियों के संज्ञान के बाद अंततः रौनक सिंह को लाया गया डीएमसीएच।
Featured - मुख्य - June 1, 2026

मारपीट की शिकायत पर वरीय अधिकारियों के संज्ञान के बाद अंततः रौनक सिंह को लाया गया डीएमसीएच।

दरभंगा: वरीय अधिकारियों एवं न्यायालय के संज्ञान के बाद अंततः दरभंगा मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी रौनक सिंह को चिकित्सीय जांच केलिए सोमवार को डीएमसीएच लाया गया।

दरअसल, कैदी की मां की ओर से वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और सोमवार को रौनक सिंह को पुलिस सुरक्षा के बीच इलाज एवं चिकित्सकीय जांच के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया।

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जानकारी के अनुसार, 23 मई 2026 को रौनक सिंह की मां रेणु देवी ने आरोप लगाया था कि जेल के अंदर उनके बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट की गई है। शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया और सोमवार, 1 जून को रौनक सिंह को चिकित्सकीय जांच एवं उपचार के लिए डीएमसीएच भेजा गया।

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अस्पताल में चिकित्सकों ने कैदी के हेल्थ की जांच की। जांच के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया। जेल जाने के दौरान रौनक सिंह ने मीडिया और पुलिसकर्मियों के समक्ष जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि 22 मई की रात करीब 12 बजे जेल प्रशासन के कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी।

रौनक सिंह ने कहा कि पिटाई के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल लाने की नौबत आई। इधर, परिजन भी लगातार जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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बताते चले कि दरभंगा मंडल कारा में 22 मई की रात हुए घटनाक्रम के बाद विवाद गहराता जा रहा है। मामले में जेल प्रशासन और बंदी के परिजनों के दावे पूरी तरह एक-दूसरे के विपरीत हैं। जेल उपाधीक्षक नारायण हिमांशु की ओर से लहेरियासराय थाना को दिए गए आवेदन के अनुसार, रौनक सिंह ने वार्ड संख्या-06 में अपने ही गुट के बंदी रंजीत लाल देव पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

वहीं, प्रशासन का आरोप है कि घटना के बाद जब उसे दूसरे वार्ड में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई, तब उसने जेल अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया। आवेदन में दावा किया गया है कि उसने उपाधीक्षक की गर्दन पकड़कर जमीन पर पटक दिया तथा पत्थरबाजी कर जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। बाद में अतिरिक्त सुरक्षा बल की मदद से उसे काबू कर उच्च सुरक्षा कक्ष में रखा गया।

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वहीं, रौनक सिंह की मां रेणु देवी ने जेल प्रशासन के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी कहानी बताया है। उन्होंने जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 22 मई की रात जेल अधीक्षक, उपाधीक्षक समेत कई कर्मियों ने उनके पुत्र को गुमटी पर ले जाकर बेरहमी से पीटा। उनका कहना है कि जेल में भोजन की गुणवत्ता और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवाज उठाने के कारण रौनक सिंह को प्रताड़ित किया जा रहा था।

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रेणु देवी ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके पुत्र के खिलाफ दर्ज कराया गया मामला झूठा है और मारपीट इतनी गंभीर थी कि वह सामान्य रूप से दैनिक कार्य करने की स्थिति में भी नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा बंदी के समुचित इलाज की मांग की है।

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