
कटहलबाड़ी आरओबी की सीढ़ी की रेलिंग गिरने के बाद सुरक्षा की अनदेखी पर उठे कई सवाल।
दरभंगा: शनिवार की शाम कटहलबाड़ी आरओबी की सीढ़ी की रेलिंग अचानक गिरने से कोई बड़ा हादसा न होना भले संयोग हो, पर इससे पुल की सुरक्षा और गुणवत्ता पर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं। रविवार को इसका मलवा देख लोगों में इसकी खूब चर्चा होती रही

दरअसल, शनिवार की शाम लक्ष्मीसागर सब्जी बाजार के बीच गिर पड़ी। संयोगवश उस समय सब्जी बाजार में सड़क पर लोगों की आवाजाही काफी कम थी। सब्जी दुकानदार सभी अपना-अपना दुकान पर बैठे थे इसलिए बड़ा हादसा टल गया। इस घटना से वहां देर तक अफरातफरी मची रही। रेलिंग टूटकर सड़क के बीचोंबीच गिरी इसीलिए कोई चोटिल नहीं हुआ।

बता दें कि कटहलबाड़ी आरओबी पर लोगों के चढ़ने-उतरने के लिए आरओबी निर्माण के समय से ही चार सीढ़ियों का निर्माण किया गया था। विगत कई वर्षों से सभी सीढ़ियों के स्टेप में दरार व जर्जरता के कारण लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो चुकी थी। अंत में विभाग की ओर से सभी सीढ़ियों को अस्थाई दीवाल खड़ा कर बंद कर दिया गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि जब सीढ़ियों की स्थिति अच्छी थी उस समय भी स्थानीय दबंग दुकानदारों की ओर से सभी सीढ़ियों को गोदाम के रूप में उपयोग में लाया जाता था और रेलवे प्रबंधन या रेलवे की सुरक्षा एजेंसियां इन लोगों को कभी कुछ सख्त हिदायत भी नहीं दे रही थी। स्थानीय लोगों के लंबे संघर्ष के बाद तत्कालीन सांसद कीर्ति आजाद के समय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से इस लाइफलाइन आरओबी का शुभारंभ किया गया था।

आरंभ के बाद इस पर भारी वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन वाहनों को प्रतिबंधित करने वाले बैरियर को लोगों ने तोड़कर फेंक दिया और अब सभी वाहनों की आवाजाही धड़ल्ले से हो रही है। रात के अंधेरे में बालू से भरे बड़े ट्रक भी इस आरओबी से गुजरते हैं और इसके रखवाले को इसकी कोई फिक्र नहीं है या फिर इसे किसी कारणवश नजर अंदाज किया जाता है।

