
पांच आरओ प्लांट फिर भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे मरीज, बंद एसी और दवा की कमी पर डीएमसीएच में विधानसभा समिति ने जताई नाराजगी
दरभंगा: दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत विधानसभा की शून्यकाल अध्ययन समिति के निरीक्षण में सामने आई। अस्पताल में कहीं पानी का संकट मिला तो कहीं जरूरी दवाएं और सैनिटाइजर तक उपलब्ध नहीं थे। सर्जिकल भवन का सेंट्रल एसी बंद मिला, जबकि परिसर में गंदगी और अव्यवस्था भी समिति की नजर से नहीं बच सकी। व्यवस्थाओं की इस स्थिति पर समिति के सदस्यों ने अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

रविवार को समिति के सभापति सह मधुबनी विधायक माधव आनंद के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम डीएमसीएच पहुंची। टीम में वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र कुमार और पारू विधायक शंकर प्रसाद शामिल थे। निरीक्षण के दौरान डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा भी मौजूद रहे।
पांच आरओ प्लांट लगे, फिर भी नलों से पानी गायब
सर्जिकल भवन की छत पर पांच आरओ प्लांट लगे होने के बावजूद वार्डों और शौचालयों में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं मिली। कई जगह नलों में पानी नहीं आने की शिकायत सामने आई। मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि पीने के पानी के लिए उन्हें बाहर से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है।
समिति ने सवाल उठाया कि जब अस्पताल की छत पर पांच आरओ प्लांट मौजूद हैं, तो आखिर वार्डों तक पानी क्यों नहीं पहुंच रहा है। समिति ने पेयजल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
गर्मी में बंद मिला सेंट्रल एसी
सर्जिकल भवन का सेंट्रल एसी भी बंद पाया गया। भीषण गर्मी में इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों को इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने एसी व्यवस्था की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए प्रबंधन से इसे जल्द चालू कराने को कहा।
इमरजेंसी में एनएस सलाइन तक नहीं
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी ट्रायज एरिया और क्रिटिकल केयर यूनिट के दवा भंडार की भी जांच की गई। यहां एनएस 100 एमएल सलाइन और सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं मिला मरीजों और परिजनों ने अन्य जरूरी दवाओं की कमी की शिकायत भी समिति के सदस्यों से की।
समिति ने दवा भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए अस्पताल प्रबंधन को जरूरी दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
गंदगी देखकर भी भड़के समिति के सदस्य
अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी और अव्यवस्था मिलने पर समिति ने नाराजगी जताई। समिति ने स्पष्ट किया कि मरीजों के इलाज के साथ-साथ अस्पताल में स्वच्छता, पेयजल और जरूरी दवाओं की उपलब्धता भी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य मंत्री के सामने जाएगी पूरी रिपोर्ट
समिति के सभापति माधव आनंद ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो कमियां सामने आई हैं, उनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के समक्ष रखी जाएगी, ताकि डीएमसीएच की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार कराया जा सके।
डीएमसीएच में विधानसभा समिति के निरीक्षण ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि समिति के निर्देश के बाद अस्पताल प्रबंधन पानी, दवा, एसी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को कितनी जल्दी दुरुस्त करता है।

