Home Featured नशा मुक्त समाज केलिए श्यामा मंदिर परिसर से जागरूकता अभियान की हुई शुरुआत।
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नशा मुक्त समाज केलिए श्यामा मंदिर परिसर से जागरूकता अभियान की हुई शुरुआत।

दरभंगा: नशा मुक्त समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के उद्देश्य से तरुण निदान के तत्वावधान में मिथिला के प्रसिद्ध श्यामा मंदिर परिसर से नशा विरोधी जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के दौरान युवाओं को नशे से होने वाले सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में युवाओं ने नशे से दूर रहने और नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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अभियान के संरक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अजीत कुमार मिश्र ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति आज समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। नशे के कारण छोटी-छोटी बातों पर विवाद हिंसक रूप ले रहे हैं और हत्या जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति सामाजिक अपराधों को भी बढ़ावा देती है। इससे युवा अपनी जवानी और भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, जबकि परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान होकर टूटने की स्थिति में पहुंच जाता है।

उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के बिना सुंदर समाज और सशक्त राष्ट्र की कल्पना संभव नहीं है। इसके लिए सरकार के साथ-साथ समाज के लोगों को भी मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान में शिक्षालय और देवालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य से श्यामा मंदिर परिसर से अभियान की शुरुआत की गई है।

छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि सत्याग्रह युवाओं और छात्रों का सबसे बड़ा अस्त्र रहा है। इसी नैतिक शक्ति के बल पर छात्र-युवा अपने अधिकारों और मांगों के लिए सरकार से संघर्ष करते रहे हैं। लेकिन आज युवाओं के एक वर्ग में ऐसी विकृति आ गई है कि नैतिक और लोकतांत्रिक संघर्ष के बजाय खुलेआम गाली-गलौज और हिंसक व्यवहार को रास्ता बनाया जा रहा है। उन्होंने इसके पीछे नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को भी एक महत्वपूर्ण कारण बताया।

डॉ. रमण राजेश ने कहा कि सरकार की ओर से नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए समाज के लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विद्यालय स्तर से ही नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।

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प्रो. विजय कुमार झा ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय और महाविद्यालय में नियमित रूप से नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को शुरुआत से ही इसके खतरों की जानकारी मिल सके।

कार्यक्रम में मनोवैज्ञानिक डॉ. वैद्यनाथ कुमार ने युवाओं को नशे के विभिन्न चिकित्सकीय पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे के आदी युवाओं का उचित चिकित्सकीय देखभाल और सुरक्षित उपचार के माध्यम से पुनर्वास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सकता है।

शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, घोघरडीहा के व्याख्याता डॉ. बैजू बावरा ने कहा कि सरकार नशे की समस्या को लेकर गंभीर है और इसके उन्मूलन के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सामाजिक संगठनों और आम लोगों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

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अंबेडकर युवा केंद्र के सचिव विजय कुमार पासवान ने अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि नशा विरोधी संदेश को घर-घर तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने अभियान को मजबूत बनाने के लिए महिला ब्रिगेड तैयार किए जाने की जानकारी दी।

इंदिरा कुमारी ने कहा कि नशे का सबसे अधिक दुष्प्रभाव महिलाओं और परिवारों पर पड़ता है। नशे की वजह से महिलाओं को घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। इसलिए नशा मुक्ति अभियान को महिला समूहों से भी जोड़ने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ परामर्शी रामशंकर झा ने युवाओं को मेडिटेशन कराया। इस दौरान उपस्थित युवाओं ने नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

अभियान को सफल बनाने में मोदु बाबू, संतोष यादव, हरिदर्शन चौपाल, डॉ. अनिल शाह, रौशन यादव, जनार्दन मुखिया, राकेश यादव, आर्यन, चंदन, दुर्गेश, विक्रम, जय किशोर, सुनील पासवान और शोभा शुक्ला सहित अन्य लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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