Home Featured अपनी ही सरकार की व्यवस्था पर भाजपा विधायक ने उठाये सवाल, कहा- अफसरशाही और कागजी प्रक्रिया से किसान परेशान।

अपनी ही सरकार की व्यवस्था पर भाजपा विधायक ने उठाये सवाल, कहा- अफसरशाही और कागजी प्रक्रिया से किसान परेशान।

दरभंगा: गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर दरभंगा में आयोजित संगोष्ठी में भाजपा विधायक सुजीत कुमार ने अपनी ही सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था और नीतियों के क्रियान्वयन पर खुलकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए योजनाएं बनाने से पहले जमीनी स्तर पर किसानों, उत्पादकों और कारोबारियों से संवाद जरूरी है। ऊपर से नीति बनाकर उसे नीचे लागू करने की व्यवस्था से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे।

Advertisement

विधायक ने अफसरशाही और किसानों को कार्यालयों के चक्कर लगाने वाली व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब किसी योजना का लाभ लेने के लिए किसान को बार-बार अधिकारियों के पास जाना पड़ता है तो वहां अनावश्यक परेशानी के साथ वसूली की संभावना भी बढ़ जाती है। उन्होंने अपने संबोधन में दरभंगा और रैयाम की चीनी मिलों के बंद होने के संदर्भ में भी प्रशासनिक व्यवस्था और किसानों की समस्याओं की अनदेखी का मुद्दा उठाया।

आपका सहयोग हमारी ताकत

सुजीत कुमार ने कहा कि सरकार को डाउनवर्ड अप्रोच के बजाय किसानों से सीधे संवाद के आधार पर योजनाएं तैयार करनी चाहिए। उनका कहना था कि गन्ना उत्पादकों, किसानों और गुड़ कारोबार से जुड़े लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझे बिना बनाई गई योजनाएं धरातल पर प्रभावी नहीं हो सकतीं।

जाति प्रमाणपत्र की अनिवार्यता पर भी सवाल

भाजपा विधायक ने दलित किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए जाति प्रमाणपत्र जैसी कागजी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में जातीय सर्वेक्षण कराया जा चुका है, ऐसे में किसानों को बार-बार प्रमाणपत्र और दस्तावेजों के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाने की जरूरत पर पुनर्विचार होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं में कागजी प्रक्रिया जितनी अधिक होगी, किसानों की परेशानी उतनी ही बढ़ेगी। सरकार को व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

Advertisement

मखाना किसानों की समस्या भी उठाई

अपने संबोधन में विधायक ने मखाना किसानों की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष उत्पादन में कमी आई है और किसानों को अपेक्षित कीमत नहीं मिल रही है। उन्होंने सरकार से मखाना की खरीद के लिए NCCF जैसी संस्थाओं की भूमिका बढ़ाने की मांग की।

गन्ना किसानों के लिए बीमा की मांग

सुजीत कुमार ने गन्ना किसानों को फसल नुकसान से बचाने के लिए प्रभावी बीमा व्यवस्था की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि गन्ने में कीट प्रकोप या अन्य कारणों से होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।

गन्ना किसान संगोष्ठी में भाजपा विधायक का यह संबोधन इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि उन्होंने विपक्ष की तरह सरकार पर हमला करने के बजाय अपनी ही सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली, योजनाओं की प्रक्रिया और किसानों तक योजनाओं की पहुंच को लेकर सवाल उठाए। विधायक के बयान से साफ है कि वे कृषि योजनाओं को कागजी प्रक्रिया से मुक्त कर किसानों की वास्तविक जरूरतों के आधार पर लागू करने की वकालत कर रहे हैं।

Share