Home Featured दो दशकों बाद जगी पुल की आस, बिजली विभाग की लेटलतीफी ने फिर किया निराश! DM से हस्तक्षेप की मांग।

दो दशकों बाद जगी पुल की आस, बिजली विभाग की लेटलतीफी ने फिर किया निराश! DM से हस्तक्षेप की मांग।

बिजली पोल शिफ्टिंग में देरी से अटका बसवारी पुल का निर्माण, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

दरभंगा: सिंहवाड़ा नगर पंचायत के वार्ड नंबर-3 के ग्रामीणों को करीब दो दशक बाद जर्जर बसवारी पुल की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी थी। नए पुल का निर्माण शुरू होने के बाद लोगों को लगा था कि वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या अब समाप्त हो जाएगी। लेकिन निर्माण स्थल पर मौजूद बिजली का पोल अब पुल निर्माण की राह में बड़ी बाधा बन गया है। पोल शिफ्ट नहीं होने के कारण निर्माण कार्य रुक गया है।

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सामाजिक कार्यकर्ता मनोहर कुमार झा ने आरोप लगाया कि पुल निर्माण स्थल के बीच में 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन का पोल मौजूद है। निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए पोल को थोड़ी दूरी पर स्थानांतरित किया जाना है। इसको लेकर विभागीय स्तर पर पत्राचार भी किया जा चुका है और निर्धारित शुल्क जमा किए जाने की जानकारी है। इसके बावजूद अब तक पोल शिफ्ट नहीं किया गया है।

वर्ष 2004 में क्षतिग्रस्त हुआ था पुराना पुल

ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2004 में पुराना बसवारी पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से करीब दो दशकों से लोग आवागमन की समस्या झेल रहे हैं। बरसात और बाढ़ के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है। कई बार लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जबकि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर चचरी का सहारा लेना पड़ता है।

वर्ष 2025 में चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद स्थानीय विधायक की अनुशंसा पर नए पुलिया निर्माण की योजना बनी और निर्माण कार्य शुरू हुआ। निर्माण स्थल पर छड़, बालू, गिट्टी सहित अन्य सामग्री भी पहुंचाई गई, लेकिन बिजली पोल स्थानांतरित नहीं होने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

निर्माण रुकने से ठेकेदार को भी नुकसान

पुल निर्माण में देरी का असर ग्रामीणों के साथ-साथ निर्माण एजेंसी पर भी पड़ रहा है। निर्माण स्थल पर लंबे समय से सामग्री पड़ी हुई है। काम रुकने के कारण ठेकेदार को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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मनोहर कुमार झा का कहना है कि पुल निर्माण की प्रक्रिया ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से आगे बढ़ाई गई, लेकिन बिजली पोल शिफ्टिंग का मामला लंबित रहने से पूरा काम अटक गया है। उनका आरोप है कि विभागों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा सीधे ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

डीएम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता मनोहर कुमार झा ने जिलाधिकारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन बिजली विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर पोल को जल्द स्थानांतरित करा दे तो पुल निर्माण का कार्य फिर से शुरू हो सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो दशक के इंतजार के बाद जब पुल निर्माण की उम्मीद जगी थी, तब एक बिजली पोल के कारण काम रुक जाना बेहद निराशाजनक है। लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।

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