
दरभंगा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 35.74 लाख की साइबर ठगी, पुलिस ने पूरी रकम कराई वापस।
दरभंगा: साइबर अपराधियों ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम का अधिकारी और केनरा बैंक का अधिकारी बताकर 73 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 35 लाख 74 हजार रुपये का चूना लगा दिया। हालांकि, दरभंगा साइबर थाना की त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित को उसकी पूरी रकम वापस मिल गई।
मामला लक्ष्मी सागर गंगवाड़ा निवासी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी राम बहादुर कामत से जुड़ा है। साइबर ठगों ने उन्हें फोन कर बताया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है, जिसका संबंध साइबर अपराध से है। इसके बाद ठगों ने जांच और कार्रवाई का भय दिखाते हुए उन्हें लगातार अपने निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया।
ठगों ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम का अधिकारी और केनरा बैंक का अधिकारी बताकर पीड़ित से कहा कि जांच पूरी होने तक उन्हें अपनी रकम एक दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करनी होगी। ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने कुल 35 लाख 74 हजार रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

ठगी का एहसास होने के बाद राम बहादुर कामत ने 12 फरवरी 2026 को दरभंगा साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की और ‘डायल 1930’ के माध्यम से संबंधित बैंक खातों में रकम को होल्ड करवाने की प्रक्रिया शुरू की।
अनुसंधानक इंस्पेक्टर रंजीत शर्मा के नेतृत्व में साइबर थाना की टीम ने मामले की जांच करते हुए ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित एक बैंक खाते से जुड़ी रकम का पता लगाया। पुलिस की कार्रवाई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठगी की पूरी रकम पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी गई।

बताया जा रहा है कि दरभंगा जिले में साइबर फ्रॉड के किसी मामले में इतनी बड़ी रकम की पूरी वापसी का यह पहला मामला है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ पीड़ित को आर्थिक राहत मिली, बल्कि साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत करने के महत्व का भी संदेश गया है।
पीड़ित राम बहादुर कामत ने सुरक्षा कारणों से मीडिया के सामने आने से परहेज किया है। हालांकि, उन्होंने पुलिस को लिखित रूप से अपनी पूरी राशि वापस मिलने की पुष्टि की है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान फोन कॉल पर बैंक खाता, आधार, ओटीपी या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। किसी पुलिस अधिकारी, बैंक अधिकारी या जांच एजेंसी के नाम पर यदि कोई व्यक्ति वीडियो कॉल या फोन के जरिए डराकर पैसे ट्रांसफर करने को कहता है, तो तत्काल सतर्क हो जाएं। साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और नजदीकी साइबर थाना या पुलिस से संपर्क करें।

