Home Featured राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने निकाला मार्च।
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राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने निकाला मार्च।

दरभंगा: बेल्ट्रॉन के माध्यम से राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों एवं कार्यालयों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर तथा आईटी ब्वॉयज एवं गर्ल्स को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा की जिला इकाई दरभंगा ने रोड मार्च निकाला। जिला अध्यक्ष जय प्रकाश मेहता एवं सचिव सुनील कुमार के नेतृत्व में निकाला गया मार्च पोलो मैदान स्थित धरना स्थल से शुरू होकर समाहरणालय, लहेरियासराय टावर होते हुए लोहिया चौक तक पहुंचा।

मार्च के दौरान कर्मियों ने अपनी एकमात्र मांग राज्यकर्मी का दर्जा देने के समर्थन में आवाज बुलंद की। इसके बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एवं सूचना प्रावैधिकी मंत्री, बिहार सरकार के नाम संबोधित ज्ञापन जिला पदाधिकारी को सौंपा।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष जय प्रकाश मेहता ने कहा कि बेल्ट्रॉन के माध्यम से पिछले करीब 25 वर्षों से राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों और कार्यालयों में लगभग 20 हजार कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर और आईटी से जुड़े अन्य कर्मी शामिल हैं। ये सभी नियमित रूप से सरकारी कार्यालयों में टंकण, लिपिकीय एवं ऑनलाइन कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि टंकण शाखा के अंतर्गत संचालित कई पदों के समाप्तप्राय होने के बाद उनसे जुड़े कार्यों का दायित्व भी वर्तमान में डाटा एंट्री ऑपरेटरों द्वारा ही निभाया जा रहा है। कर्मियों की दक्षता परीक्षा ली जा चुकी है तथा बिपार्ड के माध्यम से आवासीय संस्थागत प्रशिक्षण भी दिया गया है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद वर्षों से स्थायी प्रकृति के कार्यों का निष्पादन करने वाले कर्मियों को अब तक राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिलना निराशाजनक है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कर्मियों के मासिक पारिश्रमिक के अतिरिक्त सेवा शुल्क एवं जीएसटी मद में भी राशि का भुगतान किया जाता है। ऐसे में संयुक्त मोर्चा का दावा है कि कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने से सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशों का हवाला देते हुए लंबे समय से बाह्य सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कर्मियों के सेवा समायोजन की मांग भी उठाई।

संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांग है कि बेल्ट्रॉन के माध्यम से नियुक्त एवं कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों सहित अन्य कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए तथा इस प्रक्रिया के लिए सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार को नोडल विभाग घोषित किया जाए।

वहीं, सचिव सुनील कुमार ने राज्य सरकार से इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संयुक्त मोर्चा आगामी दिनों में महाधरना, काला बिल्ला लगाकर विरोध और हड़ताल सहित चरणबद्ध आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

रोड मार्च में संयुक्त मोर्चा के सचिव सुनील कुमार मेहता, जिलाध्यक्ष जय प्रकाश मेहता, मीडिया प्रभारी मनीष आनंद, अजय कुमार यादव, वृन्द कुमार झा, रेशाद अहमद कादरी, संतोष कुमार देव, चंद्रशेखर कुमार, खगेंद्र यादव, मृत्युंजय कुमार पूर्वे, विशाल कुमार, सुरेश कुमार शर्मा, अरविंद कुमार, बमबम कुमार, राजेश कुमार, अशोक कुमार, प्रवीण राज, पिंकू कुमार, रंजीत कुमार ठाकुर, रोहित कुमार सिंह, दयाशंकर प्रसाद, गुड्डू कुमार पासवान, अभय कुमार, सुनील कुमार सिंह, जय जय राम कुमार ठाकुर, अतुल कुमार शर्मा, दीपक कुमार, दशरथ कुमार यादव, मनोज कुमार यादव, राजीव कुमार सहित प्रीति भारती, आयुषी प्रियदर्शी, पूनम कुमारी, प्रियंका कुमारी, संगीता कुमारी, अर्पिता मिश्रा समेत 100 से अधिक कर्मी शामिल हुए।

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