
एम्स निर्माण में देरी; नागरिक समाज फिर संगठित, जन सत्याग्रह का ऐलान।
दरभंगा: बहुप्रतीक्षित दरभंगा एम्स के निर्माण में हो रही लम्बी देरी के विरोध में “दरभंगा एम्स बनाओ अभियान, नागरिक समाज” ने 29 और 30 जून को प्रस्तावित जन सत्याग्रह की तैयारी को तेज कर दिया है। रविवार को लहेरियासराय में आयोजित बैठक में सत्याग्रह को जन-जन तक पहुँचाने और व्यापक जनसमर्थन जुटाने की रणनीति तय की गई।

रणनीति: पदयात्रा, नुक्कड़ सभा और जनसंपर्क
अभियान के संयोजक उमेश राय ने बैठक में बताया कि सत्याग्रह से पहले गांव-गांव पदयात्रा, नुक्कड़ सभाएँ और व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को एम्स निर्माण में हो रही देरी के कारणों और उसके दुष्प्रभावों के बारे में अवगत कराया जाएगा तथा उन्हें आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

जनरुझान और नाराजगी पर जोर
उमेश राय ने कहा कि मिथिलांचल की जनता लंबे समय से एम्स के निर्माण का इंतजार कर रही है, लेकिन परियोजना की लगातार हो रही देरी से स्थानीय लोग गहराती नाराजगी और निराशा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की कि वे परियोजना की प्रगति से जनता को नियमित रूप से अवगत करायें और निर्माण कार्य में शीघ्रता लायी जाए।

समाजसेवी व राजनीतिक सहभागिता
बैठक में बैजनाथ यादव, मोहम्मद शौकत, भाकपा के विश्वनाथ मिश्र, आनंद मोहन, गोपाल ठाकुर, रामबृक्ष यादव, लक्ष्मणेश्वर सिंह सहित कई समाजसेवी और स्थानीय नेता मौजूद थे। सहभागी नेताओं ने कहा कि सत्याग्रह शांतिपूर्ण ढंग से और व्यापक समर्थन के साथ आयोजित किया जाएगा तथा यदि उचित समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है।
आगामी कार्यक्रम
अभियान ने 29-30 जून के सत्याग्रह के लिए आगामी दिनों में गाँवों में पदयात्रा और नुक्कड़ सभाओं की रूपरेखा तथा जनसंपर्क सामग्री तय करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्थानीय जनता से अधिक से अधिक संख्या में सत्याग्रह में भाग लेने की अपील की है।

