
डीएमसीएच में आईसीयू और न्यूरो सर्जरी ओटी शुरू, हेड इंजुरी मरीजों को अब मिलेगा स्थानीय स्तर पर इलाज
दरभंगा: दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सोमवार को आईसीयू और न्यूरो सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का शुभारंभ किया गया। दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त सह रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष हिमांशु कुमार राय और जिलाधिकारी सह समिति के उपाध्यक्ष कौशल कुमार ने फीता काटकर दोनों सुविधाओं का उद्घाटन किया।
न्यूरो सर्जरी और अत्याधुनिक आईसीयू की सुविधा शुरू होने से सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वाले हेड इंजुरी मरीजों को अब डीएमसीएच में ही विशेषज्ञ उपचार और आवश्यक सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी। इससे गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बाहर रेफर करने की जरूरत भी कम होगी।
शुभारंभ के दिन ही घनश्यामपुर के नवटोल निवासी लक्ष्मण शर्मा का न्यूरो सर्जरी विभाग में सफल ऑपरेशन किया गया। बाइक दुर्घटना में घायल लक्ष्मण हेड इंजुरी से पीड़ित थे। न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. भूवनजी झा के नेतृत्व में डॉ. वहाज और डॉ. संजय कुमार की टीम ने सर्जरी की। निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ. (प्रो.) हरिदामोदर सिंह, डॉ. मनोज कुमार और डॉ. रविन्द्र कुमार झा ने चिकित्सा सहयोग दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज को आईसीयू में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।
मरीजों को अनावश्यक रेफर नहीं करने का निर्देश
उद्घाटन के बाद आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने अस्पताल की विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आयुक्त ने मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर नहीं करने तथा उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए यथासंभव स्थानीय स्तर पर ही इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने दवाओं का समय पर वितरण, चिकित्सकों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित करने और ओपीडी का नियमित संचालन करने को कहा। मरीजों के साथ आने वाले अटेंडेंट की सुविधाओं का भी ध्यान रखने का निर्देश दिया गया।
रोज बदली जाए बेडशीट, पर्याप्त पेयजल और पौष्टिक भोजन मिले
आयुक्त ने अस्पताल में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के साथ मरीजों की बेडशीट और तकिया के कवर प्रतिदिन बदलने का निर्देश दिया। अस्पताल में पर्याप्त स्वच्छ पेयजल और मरीजों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने को भी कहा।
इसके अलावा पर्याप्त सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था, अस्पताल परिसर में जलजमाव की समस्या का समाधान और बीएमएसआईसीएल के माध्यम से मिलने वाली दवाओं की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
कैथलैब में जल्द शुरू होगा काम
डीएमसीएच अधीक्षक ने बताया कि कार्डियोलॉजी विभाग के कैथलैब में भी कार्य शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जल्द ही यहां काम शुरू होने की संभावना है। इससे हृदय रोग के गंभीर मरीजों को भी डीएमसीएच में बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
आईसीयू, न्यूरो सर्जरी ओटी और आगामी कैथलैब की सुविधा शुरू होने से डीएमसीएच में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, डीएमसीएच प्राचार्य डॉ. (प्रो.) उमेश चन्द्र झा, अधीक्षक डॉ. (प्रो.) जगदीश चन्द्र, सिविल सर्जन डॉ. अरूण कुमार समेत विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, वरीय एवं कनीय चिकित्सक, परिचारिकाएं और स्वास्थ्य प्रबंधक मौजूद रहे।

