Home Featured बिजली चोरी के 11 मामलों में प्राथमिकी दर्ज, ₹3.78 लाख की राशि का आकलन।

बिजली चोरी के 11 मामलों में प्राथमिकी दर्ज, ₹3.78 लाख की राशि का आकलन।

दरभंगा: बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बहादुरपुर नॉर्थ विद्युत आपूर्ति प्रशाखा की टीम की छापेमारी के बाद विद्युत चोरी के आरोप में 11 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विभागीय जांच प्रतिवेदन के आधार पर पतोर थाना में विद्युत अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

विभाग के अनुसार 22 सितंबर को कार्यपालक अभियंता, एसटीएफ, दरभंगा के नेतृत्व में गठित टीम ने पतोर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में छापेमारी की थी। जांच के दौरान कई परिसरों में विद्युत के अवैध उपयोग का मामला सामने आया। विभागीय रिपोर्ट में कुछ ऐसे मामले भी दर्ज हैं, जिनमें पूर्व में बकाया राशि के कारण विद्युत कनेक्शन काटे जाने के बावजूद दोबारा बिजली का उपयोग किए जाने का आरोप है।

छापेमारी के दौरान खैरा गांव में रघुनाथ सिंह, पिता स्व. बौअन सिंह के परिसर में बिजली के अवैध उपयोग का मामला सामने आया। विभाग ने इस मामले में ₹21,185 की राशि निर्धारित की है। इसी गांव की रत्नि देवी, पति फूलो सिंह के मामले में ₹32,598, बबीता देवी, पति महेश सिंह के मामले में ₹42,215, अंजू देवी, पति जनतई सिंह के मामले में ₹32,310 तथा रंजीत कुमार सिंह, पिता जगदीश सिंह के मामले में ₹40,466 की राशि का आकलन किया गया है।

आपका सहयोग हमारी ताकत

खैरा गांव के ही पंकज सिंह, पिता स्व. हरिकंकर सिंह के मामले में विभाग ने ₹3,933 की राजस्व क्षति का आकलन किया है।

इसके बाद टीम उघड़ा पासवान टोला पहुंची। यहां छोटे पासवान, पिता स्व. जंगी पासवान के परिसर में विद्युत के अवैध उपयोग का मामला सामने आया। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार परिसर में 1,784 वाट का विद्युत भार पाया गया और कुल ₹64,176 की राशि निर्धारित की गई। इसी गांव के विद्याधार मंडल, पिता स्व. कारी मंडल के मामले में ₹77,950 तथा रितन पासवान, पिता स्व. चौधरी पासवान के मामले में ₹2,690 की राजस्व क्षति दर्ज की गई है।

कोकट गांव में तलेश्वर मांझी, पिता मन्नी मांझी के परिसर में भी विद्युत के अवैध उपयोग का मामला सामने आया। विभाग ने इस मामले में ₹31,731 की राशि निर्धारित की है। इसी गांव के दीपक मांझी, पिता रामसेवक मांझी के मामले में ₹29,469 की राशि का आकलन किया गया है।

विभागीय रिपोर्ट में कुछ मामलों में एनबीपीडीसीएल की एलटी लाइन से टोका लगाकर बिजली उपयोग करने तथा मीटर को बाइपास किए जाने का उल्लेख है। वहीं कई मामलों में पूर्व में कनेक्शन विच्छेदित किए जाने के बावजूद बिना आरसी/डीसी के बिजली उपयोग करने की बात दर्ज की गई है।

विभाग के अनुसार सभी 11 मामलों में निर्धारित राजस्व क्षति और पूर्व बकाया को मिलाकर ₹3,78,173 की राशि का आकलन किया गया है। छापेमारी के बाद संबंधित परिसरों की विद्युत आपूर्ति के तार काटकर सुरक्षित किए जाने की बात भी विभागीय रिपोर्ट में कही गई है।

लगातार चलेगा बिजली चोरी के खिलाफ अभियान

कनीय विद्युत अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि बिजली चोरी को लेकर विभाग पूरी तरह सख्त है। बिजली चोरी रोकने के लिए आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि जिनके यहां विद्युत बिल की राशि दो हजार रुपये से अधिक बकाया है, वे अविलंब बकाया राशि जमा कर दें। बकाया रहने की स्थिति में विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Share