
झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ संसद परिसर में गरजे सांसद गोपालजी ठाकुर, राहुल गांधी से मांगा जवाब।
नई दिल्ली/दरभंगा: संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को संसद भवन परिसर के मकर द्वार पर भाजपा सांसदों ने झारखंड में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज और कथित अन्याय के खिलाफ प्रदर्शन किया। दरभंगा के सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने प्रदर्शन में प्रमुखता से शामिल होकर झारखंड के छात्रों के अधिकार, रोजगार और न्याय के मुद्दे पर भाजपा के समर्थन का ऐलान किया।

डॉ. ठाकुर ने कहा कि भाजपा छात्रों और युवाओं के अधिकार, रोजगार तथा न्याय की लड़ाई में मजबूती से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार करार देते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को लाठी के बल पर दबाना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है।

दरभंगा सांसद ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं, लेकिन कांग्रेस का हेमंत सोरेन सरकार में शामिल रहना और समर्थन देना उसकी कथित दोहरी नीति को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि सत्ता के मोह में विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर अपनी संवेदनाएं खो चुका है।

डॉ. ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी झारखंड में छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हैं, लेकिन जब सदन में जवाब सुनने का अवसर आता है तो स्वयं सदन में उपस्थित नहीं रहते।

उन्होंने कहा कि राजनीति केवल आरोप लगाने से नहीं चलती, बल्कि सदन में संवाद और जवाबदेही के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ती है। डॉ. ठाकुर ने राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं से झारखंड के छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखने की नसीहत दी।
भाजपा सांसद ने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाना जरूरी है। छात्रों की आवाज सुनना और उनकी समस्याओं का लोकतांत्रिक समाधान करना सरकार एवं राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

