Home Featured हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बंद मिलने पर हुआ त्वरित एक्शन, स्वास्थ्य मंत्री की पहल का दिख रहा असर।
Featured - मुख्य - 3 days ago

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बंद मिलने पर हुआ त्वरित एक्शन, स्वास्थ्य मंत्री की पहल का दिख रहा असर।

दो एएनएम से मांगा गया स्पष्टीकरण, वेतन पर रोक।

दरभंगा: बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार लगातार प्रयासरत हैं। सरकार की ओर से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ कर्मियों की लापरवाही सामने आ रही है। हालांकि, शिकायत मिलने पर विभाग की ओर से त्वरित कार्रवाई भी की जा रही है।

ऐसा ही एक मामला सोमवार को दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड में सामने आया। उघड़ा स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर निर्धारित समय में बंद पाए जाने की शिकायत स्थानीय समाजसेवी भरत महापात्रा, गिरधारी झा एवं रवि झा द्वारा किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया।

Advertisement

शिकायत के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बहादुरपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की। सीएचसी से जारी पत्र के अनुसार, 10 अगस्त 2026 को सुबह 10:36 बजे उघड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के बंद रहने की सूचना दूरभाष के माध्यम से दी गई थी। इसके बाद केंद्र पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं पाए जाने की बात सामने आई।

दो एएनएम से मांगा गया स्पष्टीकरण

मामले में उघड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात एएनएम चंचला कुमारी और एएनएम सुनीता कुमारी को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। दोनों से दो दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने पत्र में कहा है कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को निर्धारित कार्य दिवस एवं समय में खुला रखना तथा आम लोगों को नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना संबंधित कर्मियों का दायित्व है। केंद्र का बंद पाया जाना कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना को दर्शाता है।

अगले आदेश तक वेतन पर रोक

विभाग ने मामले में सख्ती दिखाते हुए दोनों एएनएम के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अब उनके स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Advertisement

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को निर्धारित समय पर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना अनिवार्य है। शिकायत मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के मामलों को विभाग गंभीरता से ले रहा है।

Share