
गन्ने की खेती को बढ़ावा देने की पहल, डीएम कौशल कुमार बोले- रैयाम और सकरी चीनी मिलों के पुनरुद्धार में किसानों की भूमिका अहम
दरभंगा। लहेरियासराय स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित गन्ना किसान संगोष्ठी-सह-कार्यशाला में दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने किसानों को गन्ने की खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि रैयाम और सकरी चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना उत्पादन बढ़ाना मिलों के पुनरुद्धार के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “रैयाम एवं सकरी चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना क्षेत्र का समग्र विकास, उन्नत तकनीक, बेहतर पैदावार एवं समृद्ध किसान” रखा गया। अपने संबोधन में डीएम ने कहा कि चीनी मिलों के पुनरुद्धार के लिए किसानों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। यदि पर्याप्त मात्रा में गन्ने का उत्पादन होता है तो इससे मिलों को भी मजबूती मिलेगी और किसानों के लिए आय का एक बेहतर माध्यम तैयार होगा।

डीएम कौशल कुमार ने बताया कि गन्ना उत्पादन को लेकर जिले में किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक करीब 26 हजार किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने इसे किसानों की बढ़ती रुचि और इस क्षेत्र में संभावनाओं का संकेत बताया।
उन्होंने कहा कि पूर्व में चीनी मिलों के संचालन का प्रमुख आधार केवल चीनी का उत्पादन था। लेकिन बदलते समय में मिलों को आर्थिक रूप से मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए चीनी के साथ-साथ उसके सह-उत्पादों (बाय-प्रोडक्ट्स) पर भी ध्यान देना जरूरी है। इससे मिलों की आर्थिक व्यवहार्यता बढ़ेगी और लंबे समय तक उनका संचालन संभव हो सकेगा।
जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे गन्ने की खेती को लेकर आगे आएं और उपलब्ध आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं। उन्नत तकनीक के माध्यम से उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि कर किसान अपनी आमदनी को बेहतर कर सकते हैं।
कार्यशाला में किसानों को गन्ने की आधुनिक खेती, बेहतर पैदावार तथा गन्ना क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़ी जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम का फोकस किसानों और चीनी मिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा गन्ना उत्पादन को एक मजबूत आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित करने पर रहा।

गौरतलब है कि दरभंगा में रैयाम और सकरी चीनी मिलों के पुनरुद्धार की चर्चा के बीच आयोजित यह संगोष्ठी किसानों को गन्ने की खेती से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। डीएम के संबोधन से यह संकेत मिला कि प्रशासन गन्ना उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिलों के आर्थिक रूप से टिकाऊ संचालन के लिए चीनी के अलावा सह-उत्पाद आधारित मॉडल को भी महत्वपूर्ण मान रहा है।

