
हत्या मामले में समझौते के लिए रची अपहरण की झूठी साजिश, 17 वर्षीय किशोर बरामद।
दरभंगा: सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोर के कथित अपहरण के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार किशोर का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि हत्या के एक मामले में समझौता कराने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से अपहरण की झूठी साजिश रची गई थी। पुलिस ने किशोर को शुक्रवार की सुबह पनिशाला चौक से सकुशल बरामद कर लिया।

सदर एसडीपीओ-2 एसके सुमन ने बताया कि राजो गांव के वार्ड नंबर-5 निवासी उत्तम सहनी की पत्नी उर्मिला देवी ने 3 सितंबर को सिंहवाड़ा थाना में आवेदन देकर अपने 17 वर्षीय पुत्र रौशन कुमार के अपहरण की शिकायत की थी। आवेदन में बताया गया था कि किशोर के साथ मारपीट की गई है और अपहरणकर्ताओं ने उसके भाई के मोबाइल पर मारपीट का वीडियो भेजकर हत्या की धमकी दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष छापेमारी टीम गठित की। टीम में सिंहवाड़ा, कमतौल, जाले और सिमरी थाना की पुलिस के साथ तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। पुलिस टीम ने मधुबनी और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर रातभर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सिंहवाड़ा थाना में 18 जून को दर्ज हत्या के मामले में किशोर के चाचा दीपक सहनी, भाई पप्पू सहनी, चचेरे भाई पंकज सहनी और चाची अनीता देवी नामजद हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी फरार चल रहे थे। इसी हत्या मामले में समझौता कराने के लिए दबाव बनाने की नीयत से किशोर के कथित अपहरण की साजिश रची गई थी।
पुलिस के मुताबिक योजना के तहत हत्या मामले के वादी और गवाहों के खिलाफ अपहरण का झूठा मामला दर्ज करवाकर उन पर दबाव बनाने तथा हत्या के मामले में समझौता कराने की कोशिश की गई। पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद शुक्रवार की सुबह परिजनों ने किशोर को पनिशाला चौक पर छोड़ दिया, जहां गश्ती दल ने उसे बरामद कर लिया।
किशोर को थाने लाकर पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसडीपीओ ने बताया कि मानवीय एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छापेमारी टीम में तकनीकी शाखा के अमृत साह, सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार, कमतौल थानाध्यक्ष, पुअनि कमलेश कुमार मिश्रा, पुअनि दिलीप कुमार, पुअनि निलेश कुमार, पुअनि ब्रह्मदेव दास, सअनि नवलेश कुमार, पीटीसी मुकेश कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।

