
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा।
दरभंगा: जिला पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश सुलेखा झा की अदालत ने गुरुवार को नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के मामले में दोषी अनिरुद्ध मंडल को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही पीड़िता के पुनर्वास के लिए बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत छह लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया है। प्रतिकर राशि का भुगतान जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के माध्यम से किया जाएगा।

पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार पराजित ने बताया कि भालपट्टी थाना क्षेत्र के भालपट्टी निवासी स्व. मोती मंडल के पुत्र अनिरुद्ध मंडल ने दादा-दादी की अनुपस्थिति में असहाय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। घटना के बाद बच्ची गर्भवती हो गई थी। चाइल्डलाइन की मदद से मामले में महिला थाना में कांड संख्या 92/22 दर्ज किया गया। बाद में न्यायालय में जीआर संख्या 102/23 के तहत मामले का विचारण शुरू हुआ।
अनुसंधान के दौरान पीड़िता से जन्मे बच्चे और अभियुक्त का डीएनए परीक्षण कराया गया। जांच में दोनों का डीएनए समान पाया गया। इससे अभियोजन के मामले को महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य मिला। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में सात गवाहों की गवाही कराई गई।
अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद 19 अगस्त को ही अभियुक्त को दोषी करार दिया था। गुरुवार को अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने तथा अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अनिरुद्ध मंडल को आजीवन कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियुक्त घटना के बाद से ही जेल में बंद है।

