Home Featured 13 हत्याकांडों में 42 अभियुक्तों को आजीवन कारावास, लोक अभियोजक ने की त्वरित न्याय की पहल।

13 हत्याकांडों में 42 अभियुक्तों को आजीवन कारावास, लोक अभियोजक ने की त्वरित न्याय की पहल।

दरभंगा: दरभंगा न्यायमंडल में लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा के नेतृत्व में पिछले एक वर्ष में सत्र न्यायालयों में लंबित गंभीर वादों पर त्वरित निर्णय कराने का उल्लेखनीय परिणाम सामने आया है। अमरेंद्र नारायण झा ने अपनी तैनाती से लेकर 10 जून 2026 तक वार्षिक लक्ष्य निर्धारित कर पुराने और संवेदेनशील मामलों को प्राथमिकता पर रखा, जिसके फलस्वरूप कई मामलों में दोषियों को सजा दिलाई गई है।

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पीपी झा ने अभियोजन पक्ष को संगठित कर गवाहों की समय पर उपस्थिति, साक्ष्य प्रस्तुतिकरण और अन्य आवश्यक तैयारियों पर विशेष जोर दिया। उनकी पहल से टीम रूप में काम कराते हुए 32 पुराने सत्रवादों में निर्णय दिलवाए गए। इन फैसलों में विशेषकर हत्याकांडों के 13 सत्रवाओं में कुल 42 दोषियों को आजीवन दण्ड-सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अतिरिक्त 10 अन्य सत्रवादों में दोषियों को जुर्माना तथा सजा दी गई, जिससे पीड़ितों को न्याय मिला और स्थानीय स्तर पर कानून के प्रति आस्था और विश्वास मजबूत हुआ।

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पीपी कार्यालय ने 10 जून 2025 से 10 जून 2026 के बीच जमानत प्रकिया पर भी कड़ा रुख अपनाया। इसी अवधि में सत्र अदालतों में 378 मामलों में 421 अभियुक्तों की जमानत अर्जियां खारिज की गईं। गंभीर आपराधिक मामलों में अग्रिम जमानत संबंधी 392 मामलों में 673 आरोपियों के अग्रिम जमानत आवेदन खारिज कराने में भी अभियोजन पक्ष सफल रहा।

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अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि जिले में अपराधियों में कानून का भय बनाए रखने और हिंसा के शिकार पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके तहत पुराने और गंभीर प्रकृति के 50 सत्रवादों को चिन्हित कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से निपटारे का अनुरोध न्यायालयों से किया जा रहा है। साथ ही गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक सहयोग व समन्वय पर भी काम चल रहा है।

झा ने कहा कि अभियोजन टीम का आगामी लक्ष्य इन 50 मामलों में त्वरित निर्णय सुनिश्चित कराना है ताकि संविधान की भावना के अनुरूप समान व समयबद्ध न्याय सुनिश्चित हो सके और पीड़ितों के प्रति न्यायालय की विश्वसनीयता बनी रहे।

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