
हत्या मामले में अर्थदंड सहित आजीवन कारावास की सजा।
दरभंगा: एससी/एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नवीन कुमार ठाकुर की अदालत ने महिला की हत्या के मामले में जाले थाना क्षेत्र के काजी बहेड़ा गांव निवासी मो. शहनवाज को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

एससी/एसटी के विशेष लोक अभियोजक संजीव कुमार कुंवर ने बताया कि 25 अगस्त 2024 की सुबह करीब चार बजे काजी बहेड़ा गांव में घर के बगल स्थित बांसबाड़ी में गांव की ही सुनीता देवी की हत्या कर दी गई थी। मृतका की पुतोहू अहिल्या देवी के आवेदन पर जाले थाना में अज्ञात के खिलाफ कांड संख्या 162/24 दर्ज किया गया था।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने 28 अगस्त 2024 को लहेरियासराय स्टेशन से संदिग्ध मो. शहनवाज को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार उसने गले में रस्सी लगाकर सुनीता देवी की हत्या करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त रस्सी भी बरामद की। अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई एससी/एसटी केस संख्या 02/25 के तहत शुरू हुई। न्यायालय ने 27 फरवरी 2025 को बीएनएस की धारा 103 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत आरोप गठित किए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अनुसंधान अधिकारी, चिकित्सक सहित कुल सात गवाहों की गवाही कराई गई।
अदालत ने 18 अगस्त को उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर शहनवाज को हत्या के मामले में दोषी करार दिया था। सोमवार को सजा के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा अभिलेख पर मौजूद साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के बाद अदालत ने उसे बीएनएस की धारा 103 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत आजीवन सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक संजीव कुमार कुंवर ने बताया कि दोषी शहनवाज 29 अगस्त 2024 से जेल में बंद है।

