
आर्थिक अपराध इकाई की छापेमारी में केवटी बीडीओ के संपत्ति से जुड़े मिले कई अहम सुराग!
दरभंगा: जिले के केवटी प्रखंड के बीडीओ चंद्र मोहन पासवान के सरकारी व निजी आवास सहित व्यावसायिक प्रतिष्ठान के छह ठिकानों पर बुधवार को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई, जो देर शाम तक जारी रही। इस कारवाई में संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की खबर है।
ईओयू की अलग-अलग टीमें कई वाहनों से मधुबनी के अतिरिक्त केवटी प्रखंड कार्यालय, सरकारी आवास, बहादुरपुर स्थित निजी आवास तथा उनके साले के जीटी मार्ट पहुंचीं। छापेमारी के दौरान केवटी और बहादुरपुर थाना पुलिस भी मौजूद रही।

अधिकारियों ने सरकारी आवास से लेकर निजी घर तक जमीन से जुड़े दस्तावेज, गोदरेज, दीवान-पलंग और अन्य सामान की गहन जांच की।
बहादुरपुर स्थित जीटी मार्ट माल में भी फाइलों और वित्तीय दस्तावेजों का मिलान किया। ईओयू की टीम संपत्ति और आय के स्रोतों से जुड़े रिकार्ड की जांच की।

इंटरनेट मीडिया पर विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि बीडीओ के खिलाफ 89 लाख 13 हजार 500 सौ रुपये आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथम दृष्टया में साक्ष्य प्राप्त हुआ है, जो आय से 81.03 प्रतिशत अधिक है।
इसे लेकर कांड संख्या 09/26 दर्ज कर न्यायालय के आदेश पर बीडीओ के छह ठिकानों को खंगाला गया है। इसमें मधुबनी के बाबूबरही स्थित बौंसा स्थित पैतृक आवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठान, केवटी प्रखंड कार्यालय और सरकारी आवास सहित बहादुरपुर स्थित आवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को खंगाला जा रहा है।

उधर, कार्रवाई में शामिल पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि आठ घंटे तक चले सर्च अभियान में जमीन, बीमा सहित फिक्स डिपोजिट सहित कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पत्नी और साले के बैंक खाते को भी खंगाला जा रहा है। आभूषणों की भी जांच की गई है।
बताया जा रहा है कि केवटी निवासी एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को दिए गए आवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मधुबनी जिले के बाबूबरही के बौंसी निवासी चंद्र मोहन पासवान ने सीतामढ़ी के नानपुर, समस्तीपुर के विभूतिपुर और दरभंगा के केवटी प्रखंड में पदस्थापन के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।
आवेदन में सेवा पुस्तिका और पहचान संबंधी दस्तावेजों में हेराफेरी तथा बेनामी संपत्ति खरीदने के लिए पहचान छिपाने का भी आरोप लगाया गया है। बीडीओ ने मां और भाई के नाम पर संपत्ति अर्जित कर उन्हें आश्रित सूची से बाहर रखा है।

आरोप है कि बहादुरपुर में पत्नी के नाम पर संपत्ति, बाबूबरही में भाई के नाम पर जमीन, पत्नी की जमीन पर साले के नाम से जीटी मार्ट संचालन, बाबूबरही में जीटी हेल्थ मेमोरियल अस्पताल का संचालन तथा दरभंगा एयरपोर्ट और एम्स क्षेत्र के आसपास पत्नी और साले चुन्नू चौधरी के नाम से जमीन खरीदी गई।
बता दें कि समस्तीपुर से तबादला होने के बाद बीडीओ ने तीन अक्टूबर 2025 को केवटी प्रखंड में योगदान दिया था।
कार्रवाई के लिए दिए आवेदन में बीडीओ के खिलाफ घर में घुसकर आगजनी और लज्जा भंग मामले में मधुबनी न्यायालय से समन जारी होने की बात कही गई है।
साथ ही बिना अवकाश स्वीकृति सरकारी वाहन से रांची जाना, केवटी प्रखंड कार्यालय परिसर से 14 राजकीय वृक्षों की चोरी कराने तथा पुराने भवनों के जीर्णोद्धार के नाम पर 44 लाख रुपये का अवैध प्राक्कलन तैयार कर लगभग 14 लाख रुपये गबन करने का आरोप शामिल है।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उनके भाई के नाम पर मछली हैचरी का कारोबार चल रहा है, जबकि बहादुरपुर के रामपुर में करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य का माल और तेल कारखाना साले के नाम से संचालित है। नेपाल कनेक्शन होने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मात्र एक वर्ष में उनकी पत्नी और बच्चों के नाम पर 250 ग्राम से अधिक सोने की वृद्धि हुई।
आवेदन के अनुसार बीडीओ, उनकी पत्नी और बच्चों के पास मिलाकर लगभग 920 ग्राम सोना होने का दावा किया गया है। वर्ष 2016 से 2021 के बीच दरभंगा और मधुबनी में खरीदी गई जमीनों के दस्तावेज भी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए गए हैं।
निजी चालक के नाम पर भी संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, देर शाम तक आर्थिक अपराध इकाई की ओर से छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

