
मुसलमानों ने उठाई गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग।
दरभंगा: बकरीद के अवसर पर जिले के शिशो क्षेत्र से नमाज-ए-बकरीद के बाद एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई, जिसमे पूरे देश को एक बड़ा संदेश दिया गया। शिशो पश्चिम स्थित ईदगाह में नमाजियों ने जमाज के बाद हाथों में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो और बीफ निर्यात बंद करो की तख्तियां लेकर सरकार से इसे लागू करने की मांग की।

दरअसल जिस समाज पर अक्सर गाय को लेकर आरोप लगाए जाते रहे है, उसी समाज ने खुले मंच से यह संदेश दिया गया वे भी करोड़ों लोगों की आस्था एवं भावनाओं का सम्मान करता है। स्थानीय लोगों ने मौन रूप से तख्तियां लेकर मांग करते देखे गए। स्थानीय लोगों का कहना था अगर हिंदू समाज गाय को माता मानता है, तो उनकी भावनाओं का ख्याल रखना भी हमारी भी जिम्मेदारी है सरकार जल्द गाय को राष्ट्रीय पशु का सम्मान दें।

यह तस्वीर ऐसे समय में सामने आई है, जब देशभर में बकरा ईद और गाय को लेकर बहस, तनाव और हिंसा की खबरें चर्चा में हैं। ऐसे माहौल में मुस्लिम समाज की ओर से आया यह संदेश सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की एक मिसाल बनकर उभरा है। जन सुराज नेता, डॉ. शोएब अहमद खान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग नमाज के बाद ईदगाह में तख्तियां लेकर खड़े हो गए। पूरा परिसर गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करो और बीफ निर्यात पूरी तरह बंद करो जैसे स्लोगन वाले तखतिया लेकर ईदगाह के बाहर खड़े थे।

शोएब इससे पहले भी कई मंचों से गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठा चुके हैं। उन्होंने गौ रक्षक संगठनों और बजरंग दल जैसे संगठनों से भी इस अभियान में साथ आने की अपील किया है। बकरीद पर आज की यह तस्वीर सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि यह संदेश है के देश की एकता, आस्था और आपसी सम्मान सबसे पहले और सबसे ऊपर है।

आब ऐसे में बड़ा सवाल हिंदूवादी और सनातन रक्षा की छवि रखने वाली सरकार के ऊपर आ गया है। यदि हिंदुओं की भावना का वास्तविक सम्मान को मूर्तरूप देना है तो क्या सरकार इसे लागू करेगी या यह केवल चुनावी भाषणों तक ही आमजनों की भावना से खेलना का जरिया बना रहेगा, यह देखने वाली बात होगी।

