Home Featured गांधी जयंती पर मंडल कारा में ‘हिन्द स्वराज’ की प्रासंगिकता पर होगी संगोष्ठी।

गांधी जयंती पर मंडल कारा में ‘हिन्द स्वराज’ की प्रासंगिकता पर होगी संगोष्ठी।

दरभंगा: गांधी जयंती एवं विश्व अहिंसा दिवस के अवसर पर 2 अक्टूबर को मंडल कारा, दरभंगा में “गांधी द्वारा रचित ‘हिन्द स्वराज’ की वर्तमान समय में प्रासंगिकता” विषय पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम संयोजक सह सामाजिक कार्यकर्ता अजीत कुमार मिश्र ने बताया कि संगोष्ठी का उद्देश्य महात्मा गांधी के महत्वपूर्ण वैचारिक ग्रंथ ‘हिन्द स्वराज’ के माध्यम से वर्तमान समाज के समक्ष मौजूद हिंसा, असमानता, उपभोक्तावाद, नैतिक संकट, मानसिक तनाव और सामाजिक विघटन जैसी चुनौतियों पर गंभीर विमर्श करना है।

उन्होंने कहा कि ‘हिन्द स्वराज’ केवल औपनिवेशिक शासन की आलोचना तक सीमित पुस्तक नहीं है, बल्कि आधुनिक सभ्यता, स्वराज, आत्मसंयम, नैतिकता और मानवीय मूल्यों को लेकर गांधी के मौलिक चिंतन का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में इसके विचारों को नए संदर्भों में समझने की आवश्यकता है।

संगोष्ठी में डॉ. संजय कुमार सहनी ‘हिन्द स्वराज’ के ऐतिहासिक संदर्भ, गांधी की स्वराज की अवधारणा तथा आधुनिक सभ्यता के प्रति उनके आलोचनात्मक दृष्टिकोण पर विचार रखेंगे। इस दौरान स्वराज को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता के बजाय आत्मानुशासन, नैतिक जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना से जुड़ी व्यापक अवधारणा के रूप में समझने पर चर्चा होगी।

वहीं, सी.एम. कॉलेज, दरभंगा के मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं योग प्रशिक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद साह ‘हिन्द स्वराज’ में निहित आत्मसंयम, मानसिक अनुशासन, अहिंसा और स्वस्थ जीवन-दृष्टि के मनोवैज्ञानिक पक्ष पर चर्चा करेंगे। वे गांधी के विचारों को मानसिक स्वास्थ्य, आत्मनियंत्रण और संतुलित जीवनशैली के समकालीन संदर्भ से जोड़कर अपनी बात रखेंगे।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य विद्वतजन भी विशिष्ट अतिथि एवं वक्ता के रूप में शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, मंडल कारा परिसर में आयोजित यह संगोष्ठी गांधी के विचारों को महज स्मरण करने के बजाय उन्हें व्यवहार, आत्मचिंतन और सामाजिक जिम्मेदारी के संदर्भ में समझने का प्रयास है।

Share