
खबर के बाद जागा PHED: नई टंकी लगाने पहुंचे कर्मी, ध्वस्त घर के मुआवजे की मांग पर अड़ा पीड़ित परिवार।
दरभंगा: बहादुरपुर प्रखंड के रामभद्रपुर पंचायत अंतर्गत श्रीदिलपुर वार्ड संख्या-05 में नल-जल योजना की पानी की टंकी फटने से व्यवसायिक घर ध्वस्त होने के मामले में अब खबर का असर देखने को मिला है। वॉयस ऑफ दरभंगा द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद पीएचईडी विभाग हरकत में आया। विभागीय कर्मी नई पानी की टंकी लगाने के लिए मौके पर पहुंचे।

हालांकि, पीड़ित परिवार ने नई टंकी लगाने का काम रोक दिया। पीड़ित मनमोहन ठाकुर के परिवार का कहना है कि पहले टंकी फटने से हुए नुकसान का आकलन किया जाए और ध्वस्त हुए व्यवसायिक घर तथा खराब हुई मशीनों का उचित मुआवजा दिया जाए। पीड़ित परिवार मुआवजे की मांग पर अड़ा है।

दरअसल, बुधवार की शाम को नल-जल योजना की पानी की टंकी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई थी। टंकी से बड़ी मात्रा में पानी निकलने और तेज दबाव के कारण मनमोहन ठाकुर का व्यवसायिक घर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। घर में लगी मोटरयुक्त गेहूं पिसाई मशीन और धान कुटाई मशीन भी पानी में खराब हो गई। घटना के समय आसपास कई लोग और बच्चे मौजूद थे। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई।
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, टंकी से पिछले तीन महीने से अधिक समय से पानी का रिसाव हो रहा था। इसकी जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को दी गई थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद समय रहते टंकी की मरम्मत या तकनीकी जांच नहीं कराई गई। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते रिसाव की समस्या को गंभीरता से लिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
अब वॉयस ऑफ दरभंगा द्वारा खबर प्रसारित होने के बाद विभाग के कर्मियों का नई टंकी लगाने के लिए मौके पर पहुंचना विभागीय कार्रवाई की शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि सिर्फ नई टंकी लगाने से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा। पहले पुराने हादसे में हुए नुकसान की भरपाई की जाए और टंकी फटने के कारणों की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पीएचईडी विभाग से ध्वस्त हुए व्यवसायिक घर और खराब हुई मशीनों के नुकसान का आकलन कराने, उचित मुआवजा देने तथा टंकी के निर्माण और गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल नई टंकी लगाने को लेकर पीड़ित परिवार और विभाग के बीच गतिरोध बना हुआ है। पीड़ित परिवार मुआवजे और नुकसान की भरपाई की मांग पर अड़ा है। अब देखना होगा कि विभाग पीड़ित परिवार की मांग पर क्या कार्रवाई करता है और नई टंकी लगाने का काम कब शुरू हो पाता है।

