Home Featured आधार सिस्टम में सेंध लगाकर फर्जी कार्ड बनाने वाले अंतर जिला साइबर गिरोह का पुलिस ने किया खुलासा।

आधार सिस्टम में सेंध लगाकर फर्जी कार्ड बनाने वाले अंतर जिला साइबर गिरोह का पुलिस ने किया खुलासा।

दरभंगा: भोजपुर साइबर पुलिस ने आधार सिस्टम में छेड़छाड़ कर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले अंतर जिला साइबर गिरोह का खुलासा कर दिया है। इस मामले में दरभंगा और भोजपुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीसरा आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है। गिरोह के पास से तीन लैपटॉप, आइरिस स्कैनर, क्लोन फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक मशीन समेत कई उपकरण बरामद किए गए हैं, जिनके जरिए यह गिरोह आधार सिस्टम को हैक कर नए कार्ड बना रहा था या पुराने में संशोधन कर रहा था।

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पुलिस के अनुसार, 25 अप्रैल 2026 को आरा ब्लॉक स्थित एक अधिकृत आधार पंजीकरण केंद्र के संचालक ने भोजपुर साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि अज्ञात हैकरों ने उनके ऑपरेटर आईडी, स्टेशन आईडी, यूजरनेम और पासवर्ड को हैक कर लिया था। इसके बाद क्लोन फिंगरप्रिंट के जरिए सिस्टम को बायपास कर फर्जी आधार नामांकन और सुधार की घटनाएं अंजाम दी जा रही थीं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने कांड संख्या 30/26 दर्ज कर विशेष टीम गठित कर छापेमारी शुरू कर दी।

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पुलिस अधीक्षक राज के निर्देश पर साइबर डीएसपी व थानाध्यक्ष स्नेह सेतू के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मानवीय सूचना के आधार पर दरभंगा–जैतपुर के बिरौल थाना क्षेत्र से मोहम्मद फुलहसन और भोजपुर के पीरो थाना क्षेत्र से संजय कुमार उर्फ रिटू सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि गिरोह का नेटवर्क झारखंड और ओडिशा तक फैला हुआ था, जिससे आधार सिस्टम के उपयोग कर बड़े पैमाने पर फर्जी कार्ड बनाए जा रहे थे।

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पुलिस के अनुसार, गिरोह अधिकृत आधार केंद्रों के ऑपरेटरों के डेटा चोरी कर उनके लॉगइन क्रेडेंशियल और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट तक पहुंच बना लेता था। इसी आधार पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे नए आधार कार्ड बनाए जाते थे या मौजूदा में नाम, पता व जन्मतिथि आदि में गलत बदलाव किए जाते थे। इन झूठे कार्डों के जरिए बैंक खातों से अवैध नकदी निकासी जैसी धोखाधड़ी भी की जा रही थी।

पुलिस अभी मधुबनी जिले के एक अन्य आरोपी की तलाश में जुटी है और गिरोह के पूरे नेटवर्क की फॉरेंसिक जांच कर यह तय करने की कोशिश कर रही है कि अब तक कितने फर्जी या गलत तरीके से अपडेटेड आधार कार्ड बनाए गए हैं और यह नेटवर्क किन–किन जिलों तक फैला था। साइबर डीएसपी ने आम नागरिकों से अपील की है कि आधार संबंधी कार्य केवल अधिकृत सेवा केंद्रों पर ही कराएं, ताकि ऐसे साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रह सकें।

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