
दरभंगा: मोनू सहनी मौत मामले में प्रियंका झा ने उठाए गंभीर सवाल, कथित फर्जी STF की भूमिका की जांच की मांग।
दरभंगा: बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर गांव में युवक मोनू सहनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका झा पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचीं। परिजनों से बातचीत और उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो एवं वीडियो देखने के बाद प्रियंका झा ने पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल उठाए।
कथित STF टीम पर सवाल
प्रियंका झा का दावा है कि घटना से पहले गांव में कुछ लोग खुद को STF यानी स्पेशल टास्क फोर्स का सदस्य बताकर पहुंचे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि इन लोगों की पहचान और उनके आधिकारिक होने की जांच मौके पर किस स्तर पर की गई।

उनका आरोप है कि कथित STF टीम के नाम पर कुछ लोगों ने ग्रामीणों और परिजनों को डराया-धमकाया तथा इलाके में दहशत का माहौल बनाया। प्रियंका झा ने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान हवाई फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से होना अभी बाकी है।
मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप
प्रियंका झा ने परिजनों के हवाले से दावा किया कि मोनू सहनी को अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार फोन किया जा रहा था और कथित तौर पर उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। उनका कहना है कि इस प्रताड़ना के कारण मोनू मानसिक दबाव में था और अंततः उसकी मौत हो गई।
प्रियंका झा ने पूरे मामले की गहन जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि मोनू की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता ने बहादुरपुर थाना पुलिस की भूमिका को लेकर भी कई सवाल उठाए। उनका दावा है कि मोनू का शव मिलने के बाद एक ऐसा व्यक्ति दोबारा मौके पर पहुंचा, जो कथित तौर पर खुद को STF से जुड़ा बता रहा था। प्रियंका झा के अनुसार, इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और उक्त व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गई। उसकी गाड़ी भी पुलिस द्वारा ले जाने का दावा किया गया है।

इसको लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वह व्यक्ति कौन था? यदि वह फर्जी STF अधिकारी था तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि वह किसी आधिकारिक टीम का सदस्य था तो उसकी पहचान और भूमिका स्पष्ट क्यों नहीं की गई?
प्रशासन से जांच और जवाब की मांग
प्रियंका झा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि मोनू सहनी की मौत, कथित STF टीम की गतिविधियों, फायरिंग और पुलिस की भूमिका—इन सभी बिंदुओं की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी अधिकारी बनकर गांव में घुसा, ग्रामीणों को धमकाया या फायरिंग की, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पुलिस और प्रशासन से पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

फिलहाल मोनू सहनी की मौत से जुड़े आरोपों और कथित STF की भूमिका को लेकर पुलिस एवं प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। आधिकारिक जांच और पुलिस के पक्ष के सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

