
हड़ताल की सजा: अठारह अंचलों के 128 राजस्व कर्मचारी एक साथ निलंबित, सेवा से बर्खास्तगी की चेतावनी।
दरभंगा: जिला पदाधिकारी, दरभंगा श्री कौशल कुमार ने 16 अप्रैल, 2026 को जिले के अठारह अंचल कार्यालयों में पदस्थ एक सौ अठाईस राजस्व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इस आदेश के साथ उनके विरूद्ध आरोप पत्र अर्थात प्रपत्र‑‘क’ गठित कर विभागीय कार्यवाही तत्काल प्रभाव से आरंभ करने का निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को जारी किया गया है।
सरकारी पत्रानुसार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना ने जिले को सूचित किया था कि बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट), बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ तथा अन्य संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा 11 फरवरी, 2026 से जारी हड़ताल एवं सामूहिक अवकाश के कारण राजस्व विभाग के कार्यों में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जिसके चलते अनुशासनहीन व्यवहार के लिए इन कर्मचारियों पर तुरंत विभागीय कार्रवाई अनिवार्य मानी गई।
इन एक सौ अठाईस निलंबित कर्मचारियों में सदर दरभंगा से दस राजस्व कर्मचारी, बहादुरपुर से नौ, बहेड़ी से बारह, हायाघाट से आठ, हनुमाननगर से पाँच, सिंहवाड़ा से दस, केवटी से ग्यारह, जाले से ग्यारह, मनीगाछी से सात, तारडीह से चार, बेनीपुर से नौ, अलीनगर से चार, बिरौल से सात, गौड़ाबौराम से चार, किरतपुर से दो, घनश्यामपुर से पाँच, कुशेश्वरस्थान से पाँच तथा कुशेश्वरस्थान पूर्वी से पाँच राजस्व कर्मचारी शामिल हैं, जिनकी कुल संख्या दस्तावेजी रूप से एक सौ अठाईस बनती है।
इन सभी राजस्व कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों के अनुसार उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान जनसाधारण के अधिकारों की अवहेलना करते हुए कार्यक्रम में अवरोध उत्पन्न किया, उप‑मुख्यमंत्री‑सह‑राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम को बाधित करने का प्रयास किया तथा मार्च माह में निर्धारित राजस्व संग्रहण लक्ष्य प्राप्ति में जानबूझकर रोक डाली। इसके अलावा राजस्व महाअभियान के तहत प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन में देरी पैदा करने, भारत की जनगणना‑2027 जैसे राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण एवं समयबद्ध कार्य को विफल करने का प्रयास करने और मुख्य सचिव, बिहार के निदेशानुसार अंचल स्तर पर आयोजित साप्ताहिक बैठकों (सोमवार एवं शुक्रवार) में सहयोग न कर असहयोग अपनाने जैसे गंभीर अनुशासनहीन व्यवहार का दोष उन पर स्थापित किया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन अभ्यासों के आधार पर ये सभी कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम‑3 (1) के प्रथम दृष्टया उल्लंघन में आते हैं, जिसके फलस्वरूप बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली‑2005 के नियम‑9 की कंडिका‑1 के अंतर्गत इन एक सौ अठाईस राजस्व कर्मचारियों को 16 अप्रैल, 2026 की तिथि से निलंबित किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इनके विरूद्ध त्वरित रूप से विभागीय कार्यवाही की जाएगी और इसी क्रम में लागू प्रावधानों के अनुसार अंततः सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जा सकती है, ताकि अन्य कर्मचारियों के लिए अनुशासन की गंभीरता का संदेश भी साफ रहे।

