Home Featured निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल:: दरभंगा में प्रशासन का राज या कंपनी राज?

निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल:: दरभंगा में प्रशासन का राज या कंपनी राज?

करमगंज रोड में निर्माणाधीन नाले में गिरा साइकिल सवार, छाती के पास धंसा सरिया

दरभंगा: शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से आए दिन दुर्घटनाओं की स्थिति बन रही है। मंगलवार को करमगंज रोड में हुई एक घटना ने एक बार फिर निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए।

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जानकारी के अनुसार, करमगंज रोड में मंगलवार को 28 वर्षीय साइकिल सवार विनोद राम निर्माणाधीन नाले में गिर गया। नाले में निकला सरिया उसकी छाती के पास धंस गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने उसे नाले से बाहर निकाला और इलाज के लिए डीएमसीएच पहुंचाया। घायल विनोद राम सराय सत्तार खां मोहल्ले का रहने वाला बताया गया है। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में भी कैद होने की बात सामने आई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माणाधीन नाले के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में साइकिल सवार नाले में गिर गया। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए गए होते तो दुर्घटना को टाला जा सकता था।

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शहर में निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटना का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी निर्माणाधीन ओवरब्रिज और एलिवेटेड रोड के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। एलिवेटेड रोड निर्माण के दौरान भारी लोहे का सामान गिरने से बाइक सवार के घायल होने की घटना भी सामने आ चुकी है। वहीं, निर्माणाधीन नाले में बाइक सवार के गिरने की घटना में सरिया से गंभीर चोट लगने की स्थिति बन चुकी है।

लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्यों के दौरान आम राहगीरों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। इसके लिए बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था जरूरी है।

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सवाल यह भी उठ रहा है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की निगरानी कौन करता है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। दुर्घटना के बाद घायल होने वाले आम लोगों की सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने को लेकर भी प्रशासन से स्पष्ट व्यवस्था की अपेक्षा की जा रही है।

सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों की जांच और हेलमेट तक सीमित नहीं है। सड़क किनारे चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।

ऐसे में अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन निर्माणाधीन स्थलों का नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करे और लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करे, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले जरूरी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जा सकें।

विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन विकास के साथ आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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