Home Featured दरभंगा के पर्यवेक्षण गृह में हुई तीन बालकों की मौत मामले में जांच एवं कारवाई पर उठे सवाल!
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दरभंगा के पर्यवेक्षण गृह में हुई तीन बालकों की मौत मामले में जांच एवं कारवाई पर उठे सवाल!

दरभंगा: वर्ष 2025 में सिंहवाड़ा थानाक्षेत्र से हिरासत में लिए गए एक विधि विरुद्ध बालक सहित तीन विधि विरुद्ध बालकों की पर्यवेक्षण गृह में हुए मौत के मामले को लेकर मानवाधिकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पैदल मार्च निकाला एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया। उन्होंने मानवाधिकार आयोग द्वारा डीजीपी को दिए गए निर्देश के वाबजूद अब तक दोषियों पर एफआईआर नहीं होने को गंभीर मामला बताते हुए जिलाधिकारी सह मानवाधिकार आयोग के पदेन जिलाध्यक्ष से संज्ञान लेने की मांग की।

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इस संबंध में जानकारी देते हुए मानवाधिकार इमरजेंसी हेल्पलाइन एसोसिएशन के प्रमंडलीय अध्यक्ष मनोहर कुमार झा ने बताया कि उक्त मामले में पुलिस एवं पर्यवेक्षण गृह के कर्मियों की लापरवाही जेजे एक्ट 10 का स्पष्ट उलंघन है और यह गंभीर आपराधिक मामला है। उन्होंने बताया कि सिंहवाड़ा थाना की पुलिस द्वारा चोरी के आरोप में हिरासत में लिए गए विधिविरुद्ध बालक के उम्र का सत्यापन किये बिना मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थापित कराकर जेल भेज दिया गया। बाद में पुनः उसे पर्यवेक्षण गृह भेजा गया, जहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। इससे पूर्व भी दो अन्य विधिविरुद्ध बालको की मौत हो गयी थी। मृतक के परिजनों ने प्रताड़ना एवं हत्या का आरोप लगाया था। परंतु पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच के अभाव में मामला दब गया।

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उन्होंने बताया कि इसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं राहुल सिंह एवं अमित कुमार आदि ने मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत की थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग द्वारा गत 2 जुलाई को बिहार के पुलिस महानिदेशक को मामले एफआईआर दर्ज कर दो हफ़्तों के अंदर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया था। परंतु समयसीमा समाप्त होने के बाबजूद कोई ठोस कारवाई इस मामले में अबतक नजर नहीं आयी।

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साथ ही उन्होंने बताया कि पूर्व में भी बाल संरक्षण इकाई से जुड़े कई मामलों की शिकायत की जा चुकी हैं। पर पारदर्शी जांच के अभाव में अवतक कोई ठोस नतीजा नहीं नहीं निकला है।

श्री झा ने कहा कि आज की प्रेसवार्ता का उद्देश्य मीडिया के माध्यम से दरभंगा के जिलाधिकारी को कारवाई हेतु संज्ञान देना है क्योंकि जिलाधिकारी मानवाधिकार आयोग के जिलाध्यक्ष भी होते हैं।

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कार्यक्रम में मानवाधिकार सह सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार महतो, जय शंकर प्रसाद, वैद्यनाथ भगत, राम भरोस ठाकुर, राहुल कुमार, जितेंद्र कुमार, बाल संरक्षण के पूर्व कर्मी राहुल सिंह एवं अमित कुमार सहित अन्य लोगों ने भी विचार रखे।

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