Home Featured रैयाम-सकरी चीनी मिलें 2028 तक शुरू करने की तैयारी, 30 हजार हेक्टेयर में गन्ना उत्पादन का लक्ष्य

रैयाम-सकरी चीनी मिलें 2028 तक शुरू करने की तैयारी, 30 हजार हेक्टेयर में गन्ना उत्पादन का लक्ष्य

दरभंगा: रैयाम चीनी मिल परिसर में बुधवार को गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम के तहत करीब 350 गन्ना उत्पादक किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को उन्नत तकनीक से गन्ने की खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज का चयन व उपचार, सिंचाई प्रबंधन, खाद-उर्वरक के संतुलित प्रयोग तथा कीट-रोग नियंत्रण की जानकारी दी गई।

कृषि विज्ञान केंद्र, जाले के वरीय वैज्ञानिकों ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर गन्ने की उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। वहीं सहायक निदेशक, ईख विकास ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से गन्ना क्षेत्र विस्तार और यंत्रीकरण योजना के तहत अधिक से अधिक आवेदन करने तथा गन्ना पंजीकरण कराने की अपील की।

2028 तक दोनों मिलें चालू करने की तैयारी

कार्यक्रम में इंडियन पोटाश लिमिटेड के केन हेड एवं प्रतिनिधि विनोद कुमार तिवारी ने रैयाम और सकरी चीनी मिलों के संचालन की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों मिलों को वर्ष 2028 तक चालू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए करीब 50 लाख क्विंटल गन्ने की आवश्यकता होगी। लक्ष्य पूरा करने के लिए लगभग 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती जरूरी होगी।

उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में करीब 5,000 एकड़ में बीज के लिए गन्ने की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अगले वर्ष करीब 25 हजार एकड़ क्षेत्र में गन्ने की खेती का विस्तार करने की योजना है।

कार्यालय के लिए निरीक्षण भवन की चाबी सौंपी

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी कौशल कुमार और दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश कुमार मंडल ने गन्ना उद्योग विभाग एवं इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रतिनिधि को संयुक्त कार्यालय संचालन के लिए रैयाम चीनी मिल परिसर स्थित निरीक्षण भवन की चाबी सौंपी। इस कार्यालय से किसानों को गन्ना पंजीकरण, विभागीय योजनाओं, क्षेत्र विस्तार, यंत्रीकरण और गन्ना उत्पादन से संबंधित कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी।

डीएम कौशल कुमार ने कहा कि रैयाम और सकरी चीनी मिल का शिलान्यास शीघ्र होने वाला है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्र में गन्ने की खेती करने और उन्नत कृषि तकनीक अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को तकनीकी सहयोग और विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन आवश्यक सहयोग करेगा।

डीएम ने गन्ने के परिवहन को सुगम बनाने के लिए क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण और आवश्यक आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में भी काम करने की बात कही।

कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, ईख पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र जाले के वैज्ञानिक, इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रतिनिधि, स्थानीय मुखिया, पैक्स अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

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