Home Featured बहादुरपुर प्रखंड प्रमुख को पद से हटाने की अनुशंसा, दोषियों पर कार्रवाई का आदेश।

बहादुरपुर प्रखंड प्रमुख को पद से हटाने की अनुशंसा, दोषियों पर कार्रवाई का आदेश।

दरभंगा: बहादुरपुर प्रखंड में 15वीं वित्त आयोग एवं षष्ठम वित्त मद की योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित अनियमितता और सरकारी राशि के अवैध भुगतान के मामले में पंचायती राज विभाग के विभागीय सचिव-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने जिला पदाधिकारी, दरभंगा को निर्देश दिया है कि प्रखंड प्रमुख रूबी राज को पद से हटाने के लिए बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 44(4) के तहत लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा को अनुशंसा भेजी जाए।

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मामला बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत पंचायत समिति द्वारा 15वीं वित्त आयोग की राशि के उपयोग और योजनाओं के क्रियान्वयन में विभागीय निर्देशों के उल्लंघन से जुड़ा है। इस संबंध में जीवनपट्टी निवासी शिव कुमार सिंह द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपील दायर की गई थी।

सुनवाई के दौरान राज्य परियोजना प्रबंधक, एसपीआरसी, पटना द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में खुलासा हुआ कि श्री यदुनंदन सहनी के नाम पर दो योजनाओं में ई-ग्रामस्वराज पोर्टल के माध्यम से कुल 4 लाख 80 हजार 559 रुपये का भुगतान किया गया। साथ ही दो योजनाओं में क्रमशः 19 लाख 96 हजार 550 रुपये तथा 19 लाख 54 हजार 10 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति देकर विभागीय स्तर पर कार्य कराए जाने की पुष्टि हुई, जिसे विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना गया।

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प्रतिवेदन के आधार पर पूर्व में जिला पदाधिकारी को मामले में जवाबदेही तय कर दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आदेश के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद मामले को पुनः खोलकर सुनवाई की गई।

जिला पदाधिकारी द्वारा विभाग को भेजे गए प्रतिवेदन में बताया गया कि संबंधित योजनाओं का क्रियान्वयन विभागीय आदेश जारी होने से पूर्व हुआ था। वहीं तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी अलख निरंजन के विरुद्ध पूरक आरोप पत्र तैयार कर ग्रामीण विकास विभाग को भेजे जाने की जानकारी दी गई।

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मामले की कई चरणों में सुनवाई के बाद विभागीय सचिव ने अपने आदेश में कहा कि जिला प्रशासन द्वारा प्रखंड प्रमुख की भूमिका को नजरअंदाज करते हुए केवल प्रखंड विकास पदाधिकारी की जवाबदेही तय करने का प्रयास किया गया, जबकि विभागीय प्रावधानों के अनुसार योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति एवं भुगतान प्रक्रिया में प्रखंड प्रमुख की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध तथ्यों से प्रतीत होता है कि जिला स्तर पर प्रखंड प्रमुख को बचाने का प्रयास किया गया तथा विभाग को गुमराह किया गया। इसलिए प्रखंड प्रमुख रूबी राज के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई आवश्यक है।

विभाग ने जिला पदाधिकारी को यह भी निर्देश दिया है कि लेबरमेट के माध्यम से किए गए भुगतान की राशि के संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा आदेश के अनुपालन की सूचना 15 दिनों के भीतर लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा और पंचायती राज विभाग, पटना को भेजी जाए।

इस आदेश के साथ द्वितीय अपील आवेदन का निष्पादन कर दिया गया है। विभाग ने आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को भेजने का निर्देश दिया है।

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