
प्रमंडल स्तरीय विकास योजनाओं, विधि-व्यवस्था और नीलाम पत्र वादों की हुई समीक्षा।
दरभंगा: दरभंगा प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में सोमवार को प्रमंडल स्तरीय विकास योजनाओं, विधि-व्यवस्था, थानों में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति तथा नीलाम पत्र वादों के निष्पादन को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मिथिला क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार तिवारी, दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार, मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा, समस्तीपुर के जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा, नगर पुलिस अधीक्षक दरभंगा अशोक कुमार सहित संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए।

बैठक में आयुक्त ने तीनों जिलों में संचालित विकास योजनाओं और महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने विभिन्न परियोजनाओं तथा नीलाम पत्र वादों के निष्पादन की स्थिति से अवगत कराया।
आगामी बाढ़ की संभावना को देखते हुए आयुक्त ने तीनों जिलों में तैयारियों को मजबूत रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। विधि-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ रखने का निर्देश दिया।
पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि मधुबनी जिले के कुछ थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसके लिए संबंधित थानों में भूमि चिह्नित किया जाना आवश्यक है। आयुक्त ने मधुबनी जिलाधिकारी को सीसीटीवी कैमरा अधिष्ठापन के साथ थाना निर्माण एवं स्थापना के लिए आवश्यक भूमि चिह्नित करने की कार्रवाई शीघ्र पूरी कराने का निर्देश दिया।
दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने जिले में चल रही विकास योजनाओं और विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में कई योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर मंदिरों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी जानकारी दी गई। इसके अलावा आरओबी निर्माण, आमस-दरभंगा परियोजना तथा प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं से संबंधित योजनाओं की प्रगति से भी आयुक्त को अवगत कराया गया।
नीलाम पत्र वादों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने तीनों जिलों के जिलाधिकारियों को बड़े बकायेदारों के साथ-साथ छोटे बकायेदारों को भी चिह्नित करने और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

