
लूट की शिकायत ने लिया यू-टर्न, CCTV और पुलिस जांच में सामने आई ठगी की कहानी।
दरभंगा: लहेरियासराय थाना क्षेत्र में 74 वर्षीय बुजुर्ग से सोने की अंगूठी और चेन छीनने की बताई गई घटना की पुलिस जांच में नया मोड़ सामने आया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला लूट का नहीं, बल्कि ठगी का प्रतीत हुआ है। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में शिकायतकर्ता के साथ जबरन आभूषण छीने जाने की बात सामने नहीं आई है।

पुलिस को दिए आवेदन में रहमगंज थाना क्षेत्र निवासी 74 वर्षीय रामचंद्र प्रसाद ने बताया था कि 18 अगस्त को करीब 1:15 बजे वह अपने घर से बाकरगंज स्थित अपनी दुकान अलंकार ज्वेलर्स के लिए पैदल जा रहे थे। नाका-06 स्थित शेखर नेत्रालय के पास तीन अज्ञात लोगों द्वारा उन्हें रोककर डराने-धमकाने और एक सोने की अंगूठी व दो सोने की चेन छीन लेने का आरोप लगाया गया था। मामले में लहेरियासराय थाना में कांड संख्या 494/26 दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अनुसंधान के साथ तकनीकी जांच और शिकायतकर्ता से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान पुलिस के सामने घटना का अलग स्वरूप सामने आया।
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता जब घटना के बताए गए समय पर घटनास्थल के पास पहुंचे तो एक व्यक्ति ने उन्हें रोककर कहा कि उन्हें साहब बुला रहे हैं। उस व्यक्ति के खुद को पुलिस अधिकारी बताने के बाद दो अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। उन्होंने शिकायतकर्ता से सवाल किया कि वह इतना सोना क्यों पहने हुए हैं और छीनाझपटी होने की बात कहकर आभूषण उतारने को कहा।
इसके बाद कथित तौर पर एक व्यक्ति ने उन्हें कागज दिया और अंगूठी व चेन उसमें रखने को कहा। शिकायतकर्ता ने आभूषण कागज में रख दिए। बाद में वह कागज गायब हो गया और शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी नहीं हुई।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी शिकायतकर्ता स्वयं अपनी अंगूठी और चेन निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार, फुटेज में उनके साथ जोर-जबरदस्ती कर आभूषण छीने जाने की बात प्रथम दृष्टया दिखाई नहीं पड़ती है।
घटनास्थल शहर के व्यस्त मार्ग पर स्थित है, जहां उस समय भी काफी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही थी। इन परिस्थितियों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामले को लूट नहीं, बल्कि ठगी*का माना है। हालांकि, मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।

