
तालाब बचाओ अभियान का धरना, सार्वजनिक जलाशयों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
दरभंगा: सार्वजनिक तालाबों और जलाशयों को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा कथित भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बुधवार को तालाब बचाओ अभियान के बैनर तले लहेरियासराय धरना स्थल पर एक दिवसीय धरना दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अमरजी कुमार ने की।
धरनार्थियों ने सिधौली पंचायत के अनार पोखर सहित शहर के विभिन्न सार्वजनिक जलाशयों में कथित अतिक्रमण और मिट्टी भरने की घटनाओं पर प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। अभियान के संयोजक नारायण जी चौधरी ने बताया कि सिधौली पंचायत के मुखिया नागेश्वर दास पिछले करीब दस वर्षों से अनार पोखर को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्हें भूमाफियाओं द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई, जिसकी शिकायत 28 अगस्त को अशोक पेपर मिल थाना में की गई, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।

अभियान की ओर से अनार पोखर से जुड़े वाद संख्या 204/2021 का भी मुद्दा उठाया गया। संगठन का आरोप है कि 27 अगस्त को सरकारी वकील की ओर से न्यायालय में इंटरवेनर नागेश्वर दास को मामले से हटाने को लेकर बहस की गई। धरनार्थियों ने इस पूरे मामले में सरकारी वकील और हायाघाट अंचलाधिकारी की अब तक की कार्रवाई की जांच कराने की मांग की।
धरना के दौरान दिग्घी पोखर के पश्चिमी भिंडा पर तालाब की जमीन पर कथित अवैध निर्माण का मामला भी उठाया गया। अभियान के अनुसार हराही, दिग्घी और गंगासागर पोखर से जुड़े मामले सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं। इसके अलावा वार्ड-20 में सकमा पुल के पास गिरीजी स्टैंड के पीछे स्थित सार्वजनिक जलाशय और वार्ड-30 में राजकीय मध्य विद्यालय, उर्दू बाजार के पास तालाब को कथित रूप से मिट्टी से भरने के मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई।

चक्का गांव स्थित बड़की पोखर का मामला भी धरना में प्रमुखता से उठाया गया। अभियान के अनुसार वर्ष 2024-25 में 32 अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए एडीएम स्तर से आदेश जारी किया गया था, लेकिन अब तक पोखर को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया जा सका है।
धरनार्थियों ने कहा कि दरभंगा जिला गंभीर जल संकट की स्थिति से गुजर रहा है। ऐसे में सार्वजनिक जलस्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने तालाबों को भरने और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होने को गंभीर चिंता का विषय बताया।
तालाब बचाओ अभियान ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें वार्ड-20 और वार्ड-30 के सार्वजनिक जलाशयों को मिट्टी से भरने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना, जलाशयों को नुकसान पहुंचाने वालों पर ‘क्षतिकर्ता क्षतिपूर्ति करे’ के सिद्धांत के तहत कार्रवाई करना, प्रत्येक तीन माह के भीतर अतिक्रमण संबंधी मामलों का निपटारा कर उसकी जानकारी जिला पोर्टल पर अपलोड करना तथा वाद संख्या 204/2021 में सरकारी वकील और हायाघाट अंचलाधिकारी की अब तक की कार्रवाई की जांच कराए जाने की मांग शामिल है।
धरना में नागेश्वर दास, अजित कुमार मिश्र, तसीम नवाब, अजित दास, अंकित, जवाहर प्रसाद, मो. गुलाब, मो. मुन्ना, अविनाश भास्कर, राजू सदाय, कमलेश पासवान, भूषण पासवान, सीता देवी, रिंकू देवी, रुना देवी, मंजुला देवी, विमला देवी और सुनीता देवी सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।

