
तालाब बचाओ अभियान: गंगासागर से समाहरणालय तक उमड़ी जनधारा, डीएम को सौंपा ज्ञापन।
दरभंगा: शहर के ऐतिहासिक तालाबों और वेटलैंड्स को बचाने की मांग को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। ‘तालाब बचाओ अभियान’ के बैनर तले निकाली गई शांतिपूर्ण पदयात्रा में सामाजिक संगठनों, छात्र-युवाओं, महिलाओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

गंगासागर तालाब से प्रारंभ हुई यह यात्रा शहर के दोनार, अल्लपट्टी और बेंता इलाकों से गुजरते हुए समाहरणालय पहुंची। पटना उच्च न्यायालय की अधिवक्ता मंजू झा, राम नारायण झा, उमेश राय रवि, धीरेंद्र कुमार झा, डॉ. विद्यानाथ झा और नारायण मंडल ने झंडी दिखाकर पदयात्रा का शुभारंभ किया। हाथों में तख्तियां, बैनर और झंडे थामे लोग ‘तालाब बचाओ, पर्यावरण बचाओ’, ‘गंगासागर-हराही-दिघ्घी बचाओ’ जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़े। समाहरणालय में सभा आयोजित कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

वक्ताओं ने बुडको द्वारा किए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्यों पर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया। वामपंथी नेता धीरेंद्र कुमार झा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि ये कार्य वेटलैंड्स रूल्स-2017 और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के विरुद्ध हैं। तालाबों के प्राकृतिक स्वरूप को कंक्रीट संरचनाओं में बदलने से पर्यावरण और जल संरक्षण को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।

अभियान संयोजक नारायण जी चौधरी ने ज्ञापन में 2013 से तालाबों के पारदर्शी सीमांकन की मांग दोहराई। उन्होंने गंगासागर, दिघ्घी और हराही तालाबों के संरक्षण के बजाय उनके अस्तित्व से खिलवाड़ का आरोप लगाया। ज्ञापन में बुडको के कार्यों पर तत्काल रोक, मामले को मुख्य सचिव, वेटलैंड्स अथॉरिटी और नगर विकास विभाग तक भेजने की मांग की गई है।

