
लंबित वेतन को लेकर संस्कृत शिक्षकों का मौन मार्च, डीएम व डीईओ को सौंपा सात सूत्री ज्ञापन।
दरभंगा: लंबित वेतन और अन्य मांगों को लेकर बिहार संस्कृत प्राथमिक सह माध्यमिक शिक्षक संघ, जिला इकाई दरभंगा के बैनर तले बुधवार को जिले के संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने मौन जुलूस निकालकर जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी को सात सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।

मिथिला संस्कृत उच्च विद्यालय से निकले इस मौन जुलूस में जिले के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों के बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष अमित कुमार दूबे ने की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कई महीनों से लंबित वेतन भुगतान पर चिंता जताते हुए सरकार एवं प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।
इसके बाद जिलाध्यक्ष अमित कुमार दूबे और जिला सचिव समीर झा के नेतृत्व में शिक्षक एवं कर्मचारी शांतिपूर्ण ढंग से मौन जुलूस निकालते हुए जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे, जहां प्रतिनिधिमंडल ने सात सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में पांच माह से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान, प्रत्येक माह समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, संस्कृत विद्यालयों से जुड़ी लंबित प्रशासनिक एवं वित्तीय समस्याओं के समाधान, 1 अप्रैल 2013 से लंबित वेतन वृद्धि का भुगतान, एलपीए 43/2016 के न्यायादेश के अनुसार 1 मार्च 1989 से पंचम एवं 1 अप्रैल 2007 से षष्ठम वेतनमान के अंतर का भुगतान तथा शिक्षकों के लिए समान काम के लिए समान सुविधा बहाल करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
संघ के जिलाध्यक्ष अमित कुमार दूबे और जिला सचिव समीर झा ने कहा कि वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी से शिक्षकों और कर्मचारियों के परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, इलाज और घरेलू खर्च चलाना कठिन हो गया है। उन्होंने प्रशासन से सभी लंबित मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

