
ऑनलाइन ठगी के शिकार पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण बनी साइबर थाना की कार्रवाई, लोगों में चर्चा का विषय।
दरभंगा: ऑनलाइन ठगी के बाद अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके लोगों के लिए दरभंगा साइबर थाना की एक कार्रवाई उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। साइबर थाना की तकनीकी टीम की सक्रियता से ठगी की पूरी रकम पीड़ित के खाते में वापस कराए जाने का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
मामला साइबर थाना कांड संख्या 07/26 से जुड़ा है। इस मामले में वादी के बैंक खाते से कुल 1,07,680 रुपये की साइबर ठगी हुई थी। ठगी की जानकारी मिलने के बाद साइबर थाना की ओर से त्वरित कार्रवाई शुरू की गई और तकनीकी टीम की मदद से ठगी की रकम को ट्रेस किया गया।
पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच और लगातार प्रयास के बाद ठगी गई पूरी 1,07,680 रुपये की राशि पीड़ित के बैंक खाते में पुनः रिफंड करा दी गई। रकम वापस मिलने के बाद पीड़ित को बड़ी राहत मिली।
आमतौर पर ऑनलाइन ठगी का शिकार होने के बाद लोगों में यह धारणा बन जाती है कि खाते से निकल चुकी रकम वापस मिलना मुश्किल है। यही वजह है कि कई पीड़ित ठगी के बाद निराश होकर रकम वापसी की उम्मीद छोड़ देते हैं। ऐसे में दरभंगा साइबर थाना की यह कार्रवाई लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश भी सामने आया है कि साइबर ठगी के बाद घबराने या चुप बैठने के बजाय तत्काल शिकायत करना जरूरी है। समय पर सूचना मिलने पर पुलिस और तकनीकी टीम रकम को ट्रेस करने तथा उसे वापस कराने की दिशा में कार्रवाई कर सकती है।

साइबर थाना की सक्रियता से पीड़ित को न केवल उसकी पूरी रकम वापस मिली, बल्कि इस कार्रवाई ने साइबर ठगी के दूसरे पीड़ितों के बीच भी भरोसा बढ़ाया है। लोगों को अब उम्मीद जगी है कि साइबर अपराध में ठगी गई रकम की वापसी के लिए पुलिस की तकनीकी कार्रवाई प्रभावी साबित हो सकती है।

इस मामले में साइबर अपराधियों की पहचान और उनके नेटवर्क को लेकर आगे की जांच जारी है। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की बात कही है।

यह कार्रवाई दरभंगा साइबर थाना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है और साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए एक संदेश भी देती है—ठगी के बाद उम्मीद न छोड़ें और तत्काल पुलिस तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 को इसकी सूचना दें।

