Home Featured अनशन केलिए परमिशन खोजने पहुंची पुलिस ने अनशनकारी के परिजनों को किया गिरफ्तार।

अनशन केलिए परमिशन खोजने पहुंची पुलिस ने अनशनकारी के परिजनों को किया गिरफ्तार।

दरभंगा: दरभंगा में शुक्रवार को एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। गत 7 जून से लहेरियासराय स्थित धरनास्थल पर अनशन पर बैठे अनशनकारी की सुध लेने कोई नही पहुंचा, पर मीडिया एवं सोशल मीडिया में मामला आने के बाद शुक्रवार को पुलिस पहुंची और पुलिस भी सुध लेने नहीं, बल्कि अनशन केलिए परमिशन खोजने पहुंची। अनशनकारी ने एसएसपी एवं एसडीएम कार्यालय में दिए सूचना आवेदन की प्राप्ति प्रति दिखाई, पर मौके पर पहुंचे लहेरियासराय थाना के पुलिस पदाधिकारी उसे मानने को तैयार नहीं थे। वे परमिशन लेटर की मांग पर अड़े रहे।

Advertisement

मीडिया एवं सामाजिक लोगों के पहुंचने और पूर्व में भी सूचना आवेदन के पश्चात धरना एवं अनशन होने की बात होने लगी। इसपर पुलिस ने तुरंत पासा पलटा और अनशनकारी के परिजनों के केस में हुए बेल पेपर की मांग शुरू कर दी। बेल पेयर उपलब्ध नहीं होने एवं कांड में नामजद होने के कारण अनशनकारी के दो परिजनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और अनशनकारी को परिमशन लेकर अनशन पर बैठने की चेतावनी दे दी।

Advertisement

बताते चलें कि सिंहवाड़ा थानाक्षेत्र में गत 29 अप्रैल को हुए एक जमीनी विवाद में अनशनकारी बैद्यनाथ भगत के परिजनों पर उनके पड़ोसी के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी थी। इसी आलोक एक प्राथमिकी सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष द्वारा बैद्यनाथ भगत के परिजनों पर पुलिस के साथ दुर्व्यवहार आदि को लेकर किया गया एवं कुछ महिलाओं, बच्चों एवं युवको को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

पुलिस पर अत्याचार एवं पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए कांड के अभियुक्तों के परिजन बैद्यनाथ भगत ने गत 7 जून से लहेरियासराय स्थित धरनास्थल पर अनशन शुरू किया और प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की मांग की।

शुक्रवार को उनके दो परिजन अनशनकारी बैद्यनाथ यादव से मिलने धरनास्थल पहुंचे। इसकी सूचना मिलते ही लहेरियासराय थाना के पुलिस पदाधिकारी बालाकांत कुमार दल बल के साथ पहुंचे और दोनों परिजनों को नामजद होने एवं बेल पेपर प्रस्तुत नहीं करने पर हिरासत में ले लिया।

उन्होंने बताया कि वरीय अधिकारी के आदेश पर वे कारवाई कर रहे हैं। दोनों को सिंहवाड़ा थाना की पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।

पुलिस का आधिकारिक पक्ष जो भी सामने आए, पर जमीनी विवाद में पुलिस की ऐसी तत्परता और अनशन स्थल पर आवेदन की रिसीविंग नहीं, परमिशन लेटर दिखाने का दवाब लोगों के बीच चर्चा का विषय जरूर बना रहा।

Share