
शहर में बंदरों का आतंक, वार्ड 21 में प्रशिक्षित टीम ने शुरू किया पकड़ने का अभियान।
दरभंगा: नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर-21 में बंदरों के बढ़ते उत्पात से परेशान लोगों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। किलाघाट शिव मंदिर के पुजारी के घायल होने, एक बच्चे के छत से गिरने और मुफ्ती मोहल्ला की फूलों देवी को बंदर के काटने जैसी घटनाओं के बाद स्थानीय पार्षद नवीन सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम की सामान्य बैठक में प्रमुखता से उठाया।

मामले में मिथिला वन प्रमंडल, दरभंगा के वन प्रमंडल पदाधिकारी भास्कर चन्द्र भारती ने नगर आयुक्त, दरभंगा नगर निगम को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग के पत्र के अनुसार, भारत सरकार की 19 दिसंबर 2022 की अधिसूचना के तहत बंदर को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची से हटा दिया गया है। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव करने वाले बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, बंदरों को पकड़ने के दौरान भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई में जीवित प्राणी के साथ किसी प्रकार की क्रूरता नहीं होनी चाहिए। पकड़े गए बंदरों के पुनर्वास और स्थानांतरण की व्यवस्था भी ऐसे स्थानों पर की जानी चाहिए, जहां मानव आबादी कम या नगण्य हो।

नगर निगम की सामान्य बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में पार्षद सह-सदस्य समिति नवीन सिन्हा द्वारा किए गए पत्राचार के बाद अब प्रशिक्षित टीम ने वार्ड-21 में बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू किया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से लंबे समय से जारी बंदरों के आतंक से राहत मिलेगी।

