
TRE-4 शिक्षक बहाली को लेकर जारी अधिसूचना के विरोध में अभ्यर्थियों का धरना, 46,400 पदों पर भर्ती की मांग।
दरभंगा: TRE-4 शिक्षक बहाली को लेकर जारी अधिसूचना के विरोध में गुरुवार को दरभंगा समाहरणालय स्थित लहेरियासराय धरनास्थल पर शिक्षक अभ्यर्थियों ने एक दिवसीय धरना दिया। समाजसेवी प्रियंका झा की अध्यक्षता और छात्र नेता विभूति झा अमन के संचालन में आयोजित धरना में TRE-4 के अभ्यर्थियों के साथ बड़ी संख्या में छात्र नेता, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरना के दौरान अभ्यर्थियों ने TRE-4 के लिए जारी अधिसूचना को वापस लेने और TRE-1, TRE-2 और TRE-3 की तर्ज पर एकल परीक्षा प्रणाली के तहत शिक्षक बहाली प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना था कि शिक्षक बहाली की प्रक्रिया में बार-बार बदलाव किए जाने से वर्षों से तैयारी कर रहे छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
धरना को संबोधित करते हुए वरिष्ठ छात्र नेता दीपक झा ने कहा कि शिक्षक बहाली की प्रक्रिया वर्ष 2024 में पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दबाव में जल्दबाजी में ऐसी अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें पीटी, मेंस और निगेटिव मार्किंग जैसी व्यवस्था रखी गई है। उन्होंने इसे अभ्यर्थियों के हितों के खिलाफ बताते हुए अधिसूचना वापस लेने और एकल परीक्षा प्रणाली के तहत नई अधिसूचना जारी करने की मांग की।

TRE-4 अभ्यर्थी एमपी यादव ने कहा कि शिक्षा मंत्री और BPSC की परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ अभ्यर्थियों का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान धरना सांकेतिक है और मांगें पूरी नहीं होने पर अभ्यर्थी लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
धरना की अध्यक्षता कर रहीं समाजसेवी प्रियंका झा ने बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शिक्षक बहाली के लिए घोषित 46,400 रिक्तियों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने अंतिम परिणाम से पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य करने की भी मांग रखी।
प्रियंका झा ने कहा कि यदि अभ्यर्थियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो दरभंगा से पटना तक छात्र और नौजवानों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं और शिक्षक बहाली अभ्यर्थियों के अधिकार की लड़ाई में वह उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगी।
वहीं, छात्र नेता विभूति झा अमन ने BPSC की परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभ्यर्थियों पर बार-बार अलग-अलग नियम थोपे जा रहे हैं। उन्होंने बिना स्पष्ट सिलेबस के पीटी, मेंस और निगेटिव मार्किंग वाली व्यवस्था को छात्र विरोधी बताते हुए तत्काल नई अधिसूचना जारी करने की मांग की।
धरना में छात्र नेता कुणाल पांडे, शरद सिंह, गिरीश झा, विकास मिश्रा, अनिल कुमार झा, स्वाति देव, अभिषेक कुमार, दशरथ यादव, सचिन कुमार पटेल, अंकित कुमार झा, मोहम्मद अकरम, आफताब आलम, विक्की कुमार, गोलू सिंह, दयानंद कुमार सहित बड़ी संख्या में TRE-4 अभ्यर्थी, युवा छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से बिहार के शिक्षा मंत्री के नाम मांग-पत्र जिलाधिकारी दरभंगा द्वारा नियुक्त अधिकारियों को सौंपा गया। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो योजनाबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने इसके लिए बिहार सरकार और जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही।

