
दरभंगा में मोनू की मौत पर बवाल, पुलिस और परिजनों के दावों में विरोधाभास।
दरभंगा: जिले बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर पंचायत के वार्ड नंबर-9 में करीब 20 वर्षीय युवक मोनू सहनी की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर पुलिस और मृतक के परिजनों के बयान में बड़ा विरोधाभास सामने आया है। पुलिस जहां मामले को आत्महत्या से जोड़कर देख रही है, वहीं परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई और कथित आर्थिक दबाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस के अनुसार, एक मोबाइल चोरी के संदेह से जुड़े मामले की जांच के लिए पुलिस टीम खराजपुर पहुंची थी। पुलिस का दावा है कि मोनू को आशंका थी कि मोबाइल चोरी के मामले में उस पर दबाव बनाया जाएगा। इसी डर के कारण उसने आत्महत्या कर ली।

पुलिस प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया कि घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। हालांकि, पुलिस ने मौके पर गोली चलने की बात से स्पष्ट रूप से इनकार किया है।

इधर, मृतक के पिता जागेश्वर सहनी ने पुलिस के दावे से अलग आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एक व्यक्ति ने अपनी मां के इलाज के लिए करीब 2 हजार रुपये में मोबाइल बेचा था। बाद में मोबाइल बरामद कर उसे वापस भी कर दिया गया था। इसके बावजूद कथित तौर पर एक लाख रुपये की मांग की जा रही थी।

परिजनों का आरोप है कि पैसों को लेकर बनाए जा रहे दबाव और डर के माहौल के कारण मोनू ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिवार की ओर से यह भी दावा किया गया है कि कुछ लोग तीन बाइकों पर सवार होकर आए थे और गोली चलाते हुए वहां से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने गोली चलने की घटना से इनकार किया है।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल पुलिस और परिजनों के दावों में सामने आ रहे विरोधाभास के बीच मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। मौत के वास्तविक कारण और घटना के दौरान क्या हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

