Home Featured बंदरों को पकड़ने के अभियान का VHP-बजरंग दल ने किया विरोध, डीएम-एसडीओ को सौंपा ज्ञापन।
Featured - मुख्य - 16 hours ago

बंदरों को पकड़ने के अभियान का VHP-बजरंग दल ने किया विरोध, डीएम-एसडीओ को सौंपा ज्ञापन।

दरभंगा: शहर में बंदरों के बढ़ते उत्पात से आम लोग परेशान हैं। इसी समस्या को देखते हुए वार्ड नंबर-21 के पार्षद नवीन सिन्हा की पहल पर प्रशिक्षित टीम द्वारा बंदरों को पकड़कर दूर जंगल में छोड़ने का अभियान शुरू किया गया है। हालांकि, इस अभियान को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने विरोध जताया है। संगठनों का कहना है कि बंदर हिंदू आस्था से जुड़े हैं और उन्हें गलत अथवा क्रूर तरीके से पकड़ना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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इसी मुद्दे को लेकर हिंदूवादी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने सदर एसडीओ और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बंदरों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। सोमवार को नगर आयुक्त से भी मुलाकात कर इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा करने की बात कही गई है।

विश्व हिंदू परिषद के जिलामंत्री राजीव प्रकाश मधुकर ने कहा कि शहर में कुछ लोग वोट बैंक और खुशामद की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब एक वर्ष पहले नगर निगम की बोर्ड बैठक में बंदरों को पकड़ने का मुद्दा उठा था, जिसका हिंदूवादी संगठनों ने विरोध किया था। उनका कहना है कि बंदर हिंदू आस्था से जुड़े हैं, ऐसे में उन्हें गलत और क्रूर तरीके से पकड़कर सोशल मीडिया पर प्रदर्शित किया जाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बंदरों के साथ गायों को लेकर भी उठाया सवाल

राजीव प्रकाश मधुकर ने कहा कि जब बंदरों को लेकर नगर निगम की बैठकें होती हैं और समाजसेवा का वर्चस्व दिखाने की कोशिश की जाती है, तो शहर में गायों की हत्या और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को लेकर आवाज क्यों नहीं उठाई जाती। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इन मुद्दों पर भी गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।

जंगल और बागान खत्म होने को बताया समस्या की वजह

विश्व हिंदू परिषद के जिलामंत्री ने कहा कि बंदरों के प्राकृतिक आवास यानी बागान और जंगल इंसानों ने काटकर वहां घर और अन्य निर्माण कर लिए हैं। प्राकृतिक आवास खत्म होने के कारण बंदर भोजन और आश्रय की तलाश में शहर की ओर आने को मजबूर हैं। ऐसे में केवल बंदरों को पकड़ना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।

पुनर्वास केंद्र बनाने की मांग

संगठन ने सरकार, जिला प्रशासन और नगर निगम से बंदरों के लिए उचित पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके तहत श्यामा माई मंदिर परिसर या दरभंगा राज परिसर की जमीन पर पिंजरा अथवा आश्रय स्थल बनाकर बंदरों के भोजन और देखभाल की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है।

इसके अलावा अन्य तीर्थस्थलों की तर्ज पर आम लोगों से भी बंदरों को भोजन कराने और दान देने की अपील करने की बात कही गई है। संगठन का मानना है कि इस तरह बंदरों के लिए व्यवस्थित आश्रय और भोजन की व्यवस्था होने से उनके शहर में आने और उत्पात की समस्या को कम किया जा सकता है।

ट्रेन से आए कुत्ते का उदाहरण देकर प्रशासन पर सवाल

राजीव प्रकाश मधुकर ने प्रशासनिक रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीतामढ़ी से ट्रेन में आए एक कुत्ते के लिए उचित व्यवस्था की गई, लेकिन हिंदू आस्था से जुड़े बंदरों के साथ कथित तौर पर निर्ममता बरती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से बंदरों के मामले में भी संवेदनशील और मानवीय रवैया अपनाने की मांग की।

फिलहाल बंदरों को पकड़ने का अभियान और उसके विरोध को लेकर मामला चर्चा में है। अब सोमवार को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधियों की नगर आयुक्त से प्रस्तावित मुलाकात के बाद इस मुद्दे पर प्रशासन और नगर निगम का क्या रुख रहता है, इस पर लोगों की नजर रहेगी।

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