
सड़क बनी तालाब तो पानी में उतरे पूर्व मुखिया, प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
दरभंगा; शंकर रोहार–सिसौनी मुख्य पथ से गुजरते समय इन दिनों इटवा शिवनगर गांव में मुख्य सड़क का नजारा किसी तालाब या पोखर से कम नहीं दिखता। सड़क पर दूर तक घुटने भर से लेकर कमर तक पानी जमा है। चारों ओर फैले पानी को देखकर ऐसा लगता है मानो यह मुख्य सड़क नहीं, बल्कि कोई तालाब हो। जलजमाव का असर आसपास के घरों तक भी पहुंच गया है।

लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के खिलाफ अब ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई देने लगा है। इटवा शिवनगर के पूर्व मुखिया हरशिव कुमार चौधरी ने सड़क पर जमा पानी के बीच धरना देकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। उनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे भी पानी में मौजूद रहे।
पानी में बैठकर जताया विरोध
धरना के दौरान पूर्व मुखिया ने कहा कि ग्रामीण वर्षों से जलजमाव की समस्या झेल रहे हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। मुख्य सड़क पर पानी जमा रहने के कारण आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि समस्या को लेकर प्रखंड प्रशासन, जिला प्रशासन, स्थानीय सांसद, विधायक और संबंधित अधिकारियों से कई बार समाधान की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसी के विरोध में उन्हें पानी के बीच बैठकर धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
अधूरी और गलत तरीके से बनी नाली बनी मुख्य वजह
ग्रामीणों के अनुसार सड़क किनारे बनी नाली अधूरी है और कई स्थानों पर उसका निर्माण सही तरीके से नहीं किया गया है। नाली का पानी उचित निकासी मार्ग से नहीं जुड़ने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क किनारे नाली का निर्माण पूरा कर उसे व्यवस्थित जलनिकासी व्यवस्था से जोड़ दिया जाए तो जलजमाव की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। लेकिन लंबे समय से इस दिशा में ठोस पहल नहीं होने के कारण हर बारिश में स्थिति विकराल हो जाती है।
बच्चों के आवागमन पर भी संकट
सड़क पर पानी जमा रहने से स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बच्चों को इसी जलजमाव वाले रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। पूर्व मुखिया ने प्रदर्शन के दौरान बच्चों की परेशानी को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि जिस सड़क पर बड़ों का चलना मुश्किल है, वहां छोटे बच्चों के लिए स्कूल आना-जाना कितना जोखिम भरा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
राजनीतिक बैनर नहीं, ग्रामीणों की समस्या को लेकर आंदोलन
हरशिव कुमार चौधरी ने कहा कि उनका यह विरोध किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं है। यह आंदोलन ग्रामीणों की मूलभूत समस्या को लेकर है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने के साथ सड़क और नाली की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
पूर्व मुखिया ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे इसी पानी में बैठकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि शंकर रोहार–सिसौनी मुख्य पथ महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है, लेकिन इटवा शिवनगर में जलजमाव के कारण इसकी स्थिति हर वर्ष बदतर होती जा रही है। अब पूर्व मुखिया के धरना और आंदोलन की चेतावनी के बाद ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह है कि हर बरसात में सड़क को तालाब में बदलने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा?

